संबित पात्रा का राहुल गांधी और खरगे पर हमला, बोले- नेहरू के समय हुई थी पहली वोट चोरी

HIGHLIGHTS
- संबित पात्रा ने विपक्ष के 'मॉक पार्लियामेंट' कार्यक्रम को संसद का मजाक बताया।
- उन्होंने दावा किया कि देश में अब तक 12 बार SIR की प्रक्रिया हो चुकी है।
- भाजपा सांसद के अनुसार, मतदाता सूची से 2.8 करोड़ मृत लोगों के नाम हटाए गए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के प्रतीकात्मक महाभियोग कार्यक्रम को लेकर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी पर भी हमला बोला। पात्रा ने आरोप लगाया कि देश में पहली बार वोट चोरी जवाहरलाल नेहरू के समय हुई थी। उन्होंने दावा किया कि नेहरू ने सरदार वल्लभभाई पटेल के वोट हासिल कर प्रधानमंत्री पद प्राप्त किया था।
विपक्ष के कार्यक्रम को 'मॉक पार्लियामेंट' करार देते हुए पात्रा ने कहा कि कांग्रेस संसद का मजाक बना रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आज विपक्ष वोट चोरी का आरोप लगा रहा है, जबकि उनके मुताबिक देश में इसकी शुरुआत नेहरू के समय ही हुई थी।
नेहरू पर सरदार पटेल के वोट चुराने का आरोप
संबित पात्रा ने 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री के चयन के लिए मतदान किया था। उनके अनुसार, इन नेताओं ने पटेल के समर्थन में वोट दिया था, लेकिन नेहरू ने वे वोट हासिल कर प्रधानमंत्री पद प्राप्त कर लिया।
पात्रा ने नेहरू को 'बिना चुनाव के प्रधानमंत्री' बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों पर दिया जवाब
भाजपा सांसद ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का समर्थन करते हुए कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में करीब 13 करोड़ लोगों के नाम अभी अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए 'ASD' श्रेणी का उल्लेख किया।
पात्रा ने बताया कि 'A' का अर्थ अनुपस्थित (Absent) है। बूथ लेवल ऑफिसर मतदाता के घर तीन बार गणना फॉर्म लेकर जाता है। यदि व्यक्ति तीनों बार घर पर नहीं मिलता तो उसे अनुपस्थित दर्ज किया जाता है।
उन्होंने बताया कि 'S' का मतलब शिफ्टेड (Shifted) यानी स्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाना है, जबकि 'D' का अर्थ डेथ (Death) यानी मृत्यु है।
2.8 करोड़ मृतकों के नाम हटाने का दावा
संबित पात्रा ने दावा किया कि देश में अब तक 12 बार एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिनमें से 10 बार यह कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी। उन्होंने कहा कि इस बार मतदाता सूची से 2.8 करोड़ मृत लोगों के नाम हटाए गए हैं। उनके मुताबिक, यह कदम मतदाता सूची को साफ और सही बनाने के लिए उठाया गया है।
पात्रा ने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां मृत लोगों के नाम पर फर्जी मतदान किया जाता था। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के दौरान मृतकों के नाम हटाए जाने से इस बार ऐसी गतिविधियों पर रोक लगी है। इस संबंध में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी आरोप लगाए।
छह करोड़ लोगों ने फॉर्म-6 के लिए किया आवेदन
भाजपा सांसद ने कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके लोगों में से छह करोड़ लोग पहले ही आवेदन कर चुके हैं और बाकी लोग भी यह प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।
पात्रा के अनुसार, फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि इसके साथ केवल एक घोषणा पत्र जोड़ा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर फॉर्म नहीं भर रहे हैं और नोटिस का जवाब भी नहीं दे रहे। ऐसे लोगों को उन्होंने घुसपैठिया बताया। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को ही मिलना चाहिए।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर भी रखी बात
संबित पात्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के फैसले को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने एक साथ बैठकर फैसला लिया था और इसकी जानकारी साझा की थी।
पात्रा के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में भी आयोग का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया बताया गया है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी बात को बार-बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाती।
मुख्य चुनाव आयुक्त को कानूनी सुरक्षा देने पर क्या बोले?
भाजपा सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त को कानूनी सुरक्षा दिए जाने के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कोई नया कानून बनाकर राष्ट्रपति या मुख्य चुनाव आयुक्त को सुरक्षा नहीं दी है। उनके मुताबिक, यह सुरक्षा पहले से संविधान में मौजूद थी, लेकिन इसकी प्रक्रिया स्पष्ट नहीं थी।
पात्रा ने अगस्त 2023 में तेलंगाना की एक विशेष अदालत के आदेश का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि अदालत ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसे बाद में हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया। पात्रा के अनुसार, इसी तरह की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कानूनी प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया।
राहुल गांधी पर तंज, बोले- जीवनभर मॉक प्रधानमंत्री बनाए रखें
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी में राजनीतिक रूप से आगे बढ़ने की क्षमता नहीं है और उनका 'सैटेलाइट कभी लॉन्च नहीं होगा'।
विपक्ष के मॉक संसद कार्यक्रम पर तंज कसते हुए पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी को जीवनभर मॉक प्रधानमंत्री बनाए रखा जाए, उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.



















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.