राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में शामिल हुए पीएम मोदी, एकतानगर को देंगे 426 करोड़ की सौगात

HIGHLIGHTS
- कुल 31 परियोजनाओं में 23 का लोकार्पण और करीब आठ का शिलान्यास होगा।
- तैयार परियोजनाओं पर 307.83 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
- 50 करोड़ रुपये की लागत से बना आईआरसीटीसी होटल और 16 करोड़ रुपये का एकता क्रूज प्रमुख आकर्षण हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर एकता नगर के परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में हिस्सा लिया। इस मौके पर राष्ट्रीय एकता दिवस परेड का आयोजन हुआ, जिसमें देश की एकता, विविधता और सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन किया गया। परेड के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव की झलक प्रस्तुत की गई।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री एकता नगर में पर्यटन और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए करीब 426.71 करोड़ रुपये की 31 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इन योजनाओं का मकसद पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और क्षेत्र में नए पर्यटन आकर्षण विकसित करना है।
एकता नगर को मिलेंगी 426 करोड़ रुपये की कौन-कौन सी सौगातें?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एकता नगर में कुल 31 परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इनमें 307.83 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई 23 परियोजनाओं का लोकार्पण और 118.88 करोड़ रुपये की करीब आठ परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
इन परियोजनाओं में होटल, क्रूज, रेन फॉरेस्ट, इको ट्रेल, सड़क और पुल निर्माण के साथ पानी तथा सफाई व्यवस्था से जुड़े कार्य भी शामिल हैं। इनके शुरू होने से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने आने वाले पर्यटकों को कई नई सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का लक्ष्य एकता नगर को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना और यहां आने वाले लोगों के अनुभव को बेहतर बनाना है।
307.83 करोड़ की लागत से तैयार 23 परियोजनाओं का होगा लोकार्पण
प्रधानमंत्री 307.83 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 23 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इनमें 50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आईआरसीटीसी होटल, 16 करोड़ रुपये का नया एकता क्रूज, 14.30 करोड़ रुपये का रेन फॉरेस्ट और 3.67 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इको ट्रेल शामिल हैं।
इसके अलावा 45.53 करोड़ रुपये का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 21.40 करोड़ रुपये का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और 23.81 करोड़ रुपये की लागत से तैयार परेड ट्रैक तथा उससे जुड़े कार्यों का भी लोकार्पण किया जाएगा।
पर्यटकों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए 28.22 करोड़ रुपये की लागत से ट्रैवलेटर तैयार किया गया है। वहीं, यातायात संबंधी परेशानियों को कम करने के लिए 23 करोड़ रुपये की लागत से 24 मीटर कॉलोनी रोड बनाई गई है। कर्मचारियों के आवास के लिए 14.25 करोड़ रुपये की लागत से स्टाफ क्वार्टर भी तैयार किए गए हैं।
पर्यटकों को मिलेंगे नए आकर्षण और आधुनिक सुविधाएं
लोकार्पण की जाने वाली अन्य परियोजनाओं में सीआईएसएफ बैरक, मोखडी गांव के पास टर्मिनल बिल्डिंग और जेटी तथा अलग-अलग स्थानों पर वाटर स्टेशन शामिल हैं। इसके साथ ही एकता नगर रेलवे स्टेशन से विजिटर सेंटर तक वॉक-वे का विस्तार किया गया है।
विभिन्न स्थानों पर आकर्षक फव्वारे भी लगाए गए हैं। नए हाई लेवल गोरा ब्रिज के पत्थर वाले ढलान का सौंदर्यीकरण किया गया है। हरियाली बढ़ाने के लिए जियोसेल तकनीक से लैंडस्केपिंग भी की गई है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के गेट नंबर-8 पर सड़क का विकास, शूलपाणेश्वर नर्मदा घाट का विस्तार और सौंदर्यीकरण तथा परिसर में फसाड लाइटिंग की सुविधा विकसित की गई है।
राष्ट्रीय एकता और भारत की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एकता प्रकाश पर्व, यूनिटी ग्लो गार्डन का अपग्रेडेशन, नौ मीटर लंबी दो नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें और अलग-अलग स्थानों पर आकर्षक शिल्प-स्थापत्य भी इन परियोजनाओं में शामिल हैं।
118.88 करोड़ रुपये की आठ नई परियोजनाओं का होगा शिलान्यास
प्रधानमंत्री 118.88 करोड़ रुपये की लागत वाली करीब आठ विकास परियोजनाओं की नींव भी रखेंगे। इनमें 59.32 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली गोरा-भाणद्रा रोड और 7.72 करोड़ रुपये की लागत से खलवाणी ब्रिज का विकास शामिल है।
इसके अलावा 5.79 करोड़ रुपये की लागत से कैक्टस और बटरफ्लाई गार्डन का एकीकृत विकास किया जाएगा। मांडवा फलिया से रिवर राफ्टिंग पॉइंट और ठोस कचरा प्रबंधन स्थल तक पहुंच को आसान बनाने के लिए वाघडिया रोड का विस्तार भी प्रस्तावित है।
सरदार सरोवर बांध की सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए डिजास्टर कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इसके साथ ही 36.58 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट जीरो वेस्ट इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट और 5.15 करोड़ रुपये की लागत से खलवाणी इको टूरिज्म का विकास किया जाएगा।
इन योजनाओं के पूरा होने से एकता नगर में पर्यटन सुविधाओं के साथ सड़क, सुरक्षा और कचरा प्रबंधन से जुड़ा बुनियादी ढांचा भी मजबूत होगा।
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