शिमला: अधूरी वेतन के खिलाफ एचआरटीसी कर्मचारियों का हड़ताल का ऐलान

एचआरटीसी के चालक-परिचालक आठ दिन से वेतन न मिलने के विरोध में भड़क उठे हैं। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन एचआरटीसी चालक-परिचालक संघ के पदाधिकारियों ने पुराना बस अड्डा स्थित निगम मुख्यालय के बाहर प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
संघ के अध्यक्ष मानसिंह ठाकुर ने कहा, "एचआरटीसी को बंद करना है तो बंद करो, प्राइवेट को देना है तो दे दो, लेकिन हमें हमारा हक का वेतन दो।" उन्होंने आरोप लगाया कि निगम की कार्यशालाओं में न कलपुर्जे हैं और न मैकेनिक, बावजूद इसके प्रबंधन खराब बसें रूटों पर चलाने के लिए दबाव डाल रहा है।
ठाकुर ने चेतावनी दी कि अगर लंबित वेतन और वित्तीय लाभ तत्काल नहीं दिए गए, तो 24 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी और बसें खड़ी कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि समय पर वेतन-भत्ते न मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है और कर्मचारी अब और सहन नहीं करेंगे।
मानसिंह ठाकुर ने बताया कि अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। कर्मचारियों का कहना है कि घाटे का हवाला देकर उन्हें लगातार भुगतान में रोका जा रहा है। 100 करोड़ रुपये ओवर नाइट भत्ते के लंबित हैं, 2016 का एरियर अब तक नहीं चुकाया गया और पांच साल से अधिक समय से मेडिकल प्रतिपूर्ति भत्ता लंबित है। ठाकुर ने स्पष्ट किया कि यदि 15 दिनों के भीतर सभी वित्तीय लाभों का भुगतान नहीं किया गया, तो संघ कड़ा कदम उठाएगा।
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