गुरुग्राम नाइटक्लब हमले के केस में शूटर काजू गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुरुग्राम के दो नाइट क्लबों पर ग्रेनेड हमले से जुड़े एनआईए केस में वांछित शूटर करमवीर उर्फ काजू को गिरफ्तार किया है। आरोपी शूटर रोहित गोदारा-जितेंद्र गोगी गैंग का सक्रिय सदस्य है और वह पिछले कई वर्षों में 15 से अधिक गंभीर अपराधों में शामिल रहा है।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने आरोपी के पास से एक नकली पासपोर्ट, दो आधार कार्ड और एक वोटर आईडी बरामद की। यह पासपोर्ट वह विदेश भागने के लिए इस्तेमाल करने वाला था। स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त नारा चैतन्य ने बताया कि काजू नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल होटलों में ठहरने और मोबाइल फोन खरीदने के लिए करता था।
आरोपी को कई राज्यों में लंबे समय तक पीछा करने के बाद 11 मार्च को कोटपुतली, राजस्थान स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया गया। करमवीर हरियाणा के झज्जर जिले के सोल्धा गांव का रहने वाला है।
आपराधिक पृष्ठभूमि
काजू 38 वर्षीय शूटर दिल्ली और हरियाणा में दर्ज हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, डकैती, आपराधिक अतिचार, धमकी और हथियार अधिनियम के नौ गंभीर मामलों में वांछित था। अदालत ने उसे 20 जून 2024 में माननीय केएन काटजू मार्ग थाने में दर्ज हत्या मामले में तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दी थी, लेकिन अवधि समाप्त होने के बाद उसने आत्मसमर्पण नहीं किया। इसके बाद मई 2025 में अदालत ने उसे अपराधी घोषित किया।
इंस्पेक्टर पवन कुमार और एसआई नवदीप की टीम ने रोहतक, गुरुग्राम, जयपुर और हरिद्वार सहित कई जगहों पर छापेमारी की, लेकिन काजू हर बार गिरफ्तारी से बचता रहा।
ग्रेनेड हमला और गैंग से संबंध
गिरफ्तार आरोपी करमवीर रोहित गोदारा का करीबी सहयोगी माना जाता है। रोहित गोदारा वर्तमान में विदेश से अपने गैंग का संचालन कर रहा है। दिसंबर 2024 में करमवीर ने अपने चचेरे भाई विजय और दो अन्य साथियों को रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ के निर्देश पर गुरुग्राम के दो नाइट क्लबों पर ग्रेनेड हमला करने के लिए तैयार किया था। इस हमले का उद्देश्य क्लब मालिकों से पैसे की उगाही करना था। एनआईए इस मामले की जांच कर रही थी।
विदेश से लौटकर सक्रिय हुआ अपराध
करमवीर लगभग एक साल विदेश में रहने के बाद सितंबर 2025 में भारत लौटा। इसके बाद वह बार-बार अपनी छिपने की जगहें बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा। पिछले 2-3 महीनों में वह हरियाणा के कैथल जिले के पुंडरी में रह रहा था। इस दौरान उसने गैंग के साथियों की मदद से जाली पासपोर्ट हासिल किया और विदेश भागने की साजिश रची।
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