एसटीएफ ने एक लाख के इनामी शूटर बनारसी यादव को मुठभेड़ में ढेर किया

वाराणसी। सारनाथ के कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या के मामले में वांछित एक लाख रुपये के इनामी अपराधी बनारसी यादव को एसटीएफ ने मंगलवार देर रात मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड पर हुई। मुठभेड़ के बाद मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। हत्या के बाद से बनारसी करीब 166 दिनों से फरार चल रहा था।
एसटीएफ की वाराणसी इकाई को गुप्त सूचना मिली थी कि बनारसी यादव गाजीपुर-वाराणसी हाईवे के रास्ते कहीं भागने की तैयारी में है। सूचना के आधार पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। पुलिस उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जमीन विवाद में दी गई थी हत्या की सुपारी
जांच में सामने आया है कि महेंद्र गौतम की हत्या 29 बिस्वा जमीन के विवाद को लेकर कराई गई थी, जिसकी कीमत करीब 60 करोड़ रुपये बताई जा रही है। गाजीपुर निवासी जोगेंद्र यादव उर्फ फैटू ने इस हत्या की सुपारी दी थी। इस साजिश में बनारसी यादव, अरविंद यादव उर्फ फौजी और विशाल को शामिल किया गया था। तीनों शूटरों को दो-दो लाख रुपये और हथियार दिए गए थे। हथियार बिहार के मुंगेर निवासी मोहम्मद मुकीम ने उपलब्ध कराए थे।
21 अगस्त को हुई थी कॉलोनाइजर की हत्या
21 अगस्त 2025 को सिंहपुर इलाके में बाइक सवार बदमाशों ने कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तभी से एसटीएफ और कमिश्नरेट पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इस मामले में अरविंद यादव उर्फ फौजी को पहले ही मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीसरे शूटर विशाल की तलाश अभी जारी है।
लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था बनारसी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार बनारसी यादव पर वाराणसी, गाजीपुर और सोनभद्र जिलों में दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। उसके खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 2003 में गाजीपुर के खानपुर थाने में दर्ज हुआ था। इसके बाद हत्या, लूट और गैंगवार जैसे कई संगीन मामलों में उसका नाम सामने आता रहा। वाराणसी के चोलापुर और अन्य थानों में भी उसके खिलाफ कई केस दर्ज थे।
हत्या मामले के अन्य आरोपी जेल में
महेंद्र गौतम हत्याकांड में जोगेंद्र यादव उर्फ फैटू, अरविंद यादव उर्फ फौजी, संपूर्णानंद शुक्ला उर्फ चंदन, श्याम राजभर उर्फ रेखा प्रधान और हथियार सप्लायर मोहम्मद मुकीम पहले से ही जेल में बंद हैं। अब मुख्य शूटर बनारसी यादव के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद पुलिस को इस केस में अहम राहत मिली है।
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