दिल्ली में छोटे सिलिंडर की भारी किल्लत, अवैध रीफिलिंग का धंधा जोरों पर

राजधानी दिल्ली में एलपीजी सिलिंडर की कमी ने उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुकिंग कराने के बावजूद कई इलाकों में लोग सिलिंडर लेने के लिए गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में घंटों इंतजार कर रहे हैं। सबसे अधिक दिक्कत छोटे सिलिंडरों की कमी से हो रही है। इस कमी ने अवैध रिफिलिंग के कारोबार को बढ़ावा दे दिया है, जिससे न सिर्फ उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ा है बल्कि सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो गया है।
राजधानी और एनसीआर के कई इलाके प्रभावित
आरके पुरम, द्वारका, उत्तम नगर, लक्ष्मी नगर, शाहदरा, मयूर विहार और संगम विहार समेत कई इलाकों में लोग सिलिंडर लेने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग पर दी गई डिलीवरी तारीख पर सिलिंडर घर तक नहीं पहुँचता, जिससे उन्हें खुद एजेंसी जाकर सिलिंडर लेने की मजबूरी होती है।
छोटे सिलिंडर की कमी और महंगे विकल्प
कई एजेंसियों पर छोटे सिलिंडर या तो मिलते ही नहीं हैं या बहुत सीमित संख्या में उपलब्ध होते हैं। यह स्थिति ठेले वाले, छोटे दुकानदार और किराए पर रहने वाले परिवारों के लिए गंभीर समस्या बन गई है, क्योंकि बड़े सिलिंडर का खर्च वे नहीं उठा सकते। मजबूरी में उन्हें महंगे विकल्पों का सहारा लेना पड़ता है।
अवैध रिफिलिंग का खुला कारोबार
पुलिस की सख्ती न होने के कारण पहले अवैध रिफिलिंग खुलेआम होती थी। पहले जहां हर गली-मोहल्ले में 80-90 रुपये प्रति किलो गैस मिलती थी, अब सिलिंडर की कमी के कारण कीमत बढ़कर 200-400 रुपये प्रति किलो हो गई है। हालाँकि पुलिस ने अब सख्ती बढ़ा दी है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।
एजेंसियों का दावा
गैस एजेंसियों का कहना है कि सिलिंडर की आपूर्ति सामान्य है और ज्यादातर उपभोक्ताओं को समय पर डिलीवरी मिल रही है। कुछ मामलों में ट्रांसपोर्ट या तकनीकी कारणों से देरी हो सकती है, लेकिन इसे बड़ी समस्या नहीं माना जा सकता।
डिलीवरी सिस्टम पर उपभोक्ताओं की नाराजगी
उपभोक्ताओं का कहना है कि डिलीवरी कर्मी समय पर सूचना देते हैं, लेकिन सिलिंडर घर तक नहीं पहुंचता। मयूर विहार के निवासी राजन ने बताया कि यदि डिलीवरी की सही और समय पर जानकारी मिले, तो परेशानी काफी कम हो सकती है। खासकर कामकाजी परिवारों और छोटे बच्चों वाले घरों में यह बड़ी समस्या बन रही है।
अलीपुर में अवैध रिफिलिंग का मामला
अलीपुर में अवैध एलपीजी रिफिलिंग के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 1 अप्रैल को एक न्यूज चैनल पर दिखाए गए स्टिंग ऑपरेशन के बाद संयुक्त टीम ने मौके पर जांच की। जांच में पाया गया कि कई उपभोक्ता पासबुक का इस्तेमाल अवैध रूप से छोटे सिलिंडरों में भरकर बेचने के लिए किया जा रहा था। अधिकारियों ने तीन उपभोक्ता पासबुक और रिफिलिंग के उपकरण जब्त किए और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
सरकार ने उठाए सख्त कदम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए है। किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों और खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई के लिए 13 जिला स्तरीय टीमें बनाई गई हैं। नागरिक किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना हेल्पलाइन नंबर 011-23379836 और 8383824659 पर सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक दे सकते हैं।
पालम में गैस रिफिलिंग गिरोह का खुलासा
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम इलाके में एलपीजी सिलिंडरों की जमाखोरी और अवैध रिफिलिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने तीन आरोपियों — अनार सिंह, सत्यवीर और विकास कुमार — को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 45 घरेलू गैस सिलिंडर और एक टेंपो बरामद किया गया। छापेमारी में रिफिलिंग के उपकरण और वजन तोलने की मशीन भी जब्त की गई।
पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि 28 मार्च को सूचना के आधार पर आदर्श गली में एक खाली प्लॉट पर छापा मारा गया, जहां अवैध गैस रिफिलिंग का संचालन हो रहा था।
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