‘संभल सीजेएम का तबादला न्यायपालिका पर हमला': पवन खेड़ा

संभल। संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) विभांशु सुधीर के हालिया तबादले को लेकर कांग्रेस ने शनिवार को भाजपा सरकार पर कड़ा हमला बोला। पार्टी ने इसे प्रशासनिक फेरबदल नहीं बल्कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सीधे हमले के रूप में बताया।
विभांशु सुधीर का तबादला उस समय हुआ, जब उन्होंने संभल में हुई हिंसा के मामले में अनुज चौधरी समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।
कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल
कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट को इस तबादले पर स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने और कानून शासन के संरक्षण के लिए संस्थागत हस्तक्षेप जरूरी है।
खेड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राजनीतिक लाभ के लिए न्यायपालिका पर दबाव बना रही है और तबादलों को न्यायिक स्वतंत्रता को नियंत्रित करने वाले साधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना था कि इससे एक तानाशाही प्रवृत्ति को बढ़ावा मिल रहा है।
वकीलों का विरोध भी हुआ
सीजेएम के तबादले के खिलाफ संभल के वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया। वकीलों का कहना था कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर करने की यह कोशिश अनुचित है। कांग्रेस की नाराजगी और वकीलों के विरोध ने इस मुद्दे को और जोरदार बना दिया है।
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