उदयनिधि ने की पीएम मोदी के 'पिता' पर विवादित टिप्पणी; भाजपा का पलटवार

कोयंबटूर, तमिलनाडु। उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन अन्नाद्रमुक-भाजपा पर तीखे हमलों के कारण राजनीतिक विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने कोयंबटूर में डीएमके युवा विंग के कार्यक्रम में कहा कि सत्तारूढ़ डीएमके को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डर नहीं है, और यह डर तब भी नहीं होगा अगर प्रधानमंत्री के पिता भी सामने आएं।
स्टालिन ने अन्नाद्रमुक प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी पर भी कटाक्ष किया, कहा कि उन्हें बाहर करना चाहिए क्योंकि उन्हें दस बार हार का सामना करना पड़ा है।
बीजेपी ने किया पलटवार
इस बयान के बाद बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने डीएमके पर हमला करते हुए पार्टी को “बुद्धिहीन, नैतिकताहीन और मर्यादाहीन” बताया। उन्होंने पिछले सप्ताह इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में कांग्रेस के चरित्रहीन विरोध और स्टालिन जूनियर के सनातन धर्म पर बयान का हवाला देते हुए कहा कि डीएमके की आलोचना सही साबित होती है।
पूनावाला ने एएनआई से कहा कि कांग्रेस का शर्टलेस विरोध केवल बाधा डालने के लिए था और अब उसकी सहयोगी डीएमके भी इसी तरह की आलोचना की पात्र हो गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उदयनिधि स्टालिन ने पहले हिंदुओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए और अब प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को निशाना बना रहे हैं।
चुनावी हताशा के संकेत
बीजेपी के तेलंगाना अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन के बयान इस बात का संकेत हैं कि डीएमके तमिलनाडु में हताश हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में चुनाव दो महीने के भीतर होने की संभावना है और डीएमके की राजनीतिक टिप्पणियां इसके निराशाजनक संकेत देती हैं।
रामचंदर ने आगे कहा कि डीएमके की यह हताशा उन्हें प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत हमले करने के लिए प्रेरित कर रही है, और उनके बयान हिंदू और सनातन धर्म का अपमान करने की कोशिश के रूप में देखे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में डीएमके अपनी पकड़ खो सकती है और भाजपा-अन्नाद्रमुक गठबंधन राज्य में सरकार बनाने की स्थिति में आ सकता है।
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