'जब मुंह खोला तो बुरा बोला', शंकराचार्य मुद्दे पर बोले अखिलेश

लखनऊ: रविवार को राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) मुख्यालय में पूर्व बसपा मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सपा में शामिल होकर राजनीतिक रूप से नया मोड़ दिया। इस अवसर पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में उनकी औपचारिक सदस्यता ली गई।
सपा में शामिल होने पर सिद्दीकी का बयान
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि उनका अखिलेश यादव से पुराना रिश्ता है और वह उनकी नेतृत्व क्षमता की बहुत इज्जत करते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर सपा को मजबूत किया जाएगा। सिद्दीकी ने कहा, "पार्टी मजबूत होगी तो हम मजबूत होंगे, हम मजबूत होंगे तो प्रदेश मजबूत होगा और प्रदेश मजबूत होगा तो समाज मजबूत होगा।"
उन्होंने सपा सरकार के युवाओं और छात्रों के लिए किए गए कामों की सराहना की और कहा कि बेरोजगारी भत्ता, लैपटॉप वितरण और युवाओं को नौकरी देने जैसी पहल समाजवादी सरकार की पहचान हैं। सिद्दीकी ने अपने संबोधन में शेरो-शायरी का भी प्रयोग किया और अंत में “जय समाजवाद” का नारा दिया।
अखिलेश यादव का तंज और बयान
इस मौके पर अखिलेश यादव ने भी तंज कसा और कहा कि आज सपा में नए चेहरे शामिल हो रहे हैं, जबकि कुछ लोग गलत तरीके से दूसरों की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचा रहे हैं। उन्होंने वर्तमान सरकार पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि दिल्ली और लखनऊ में हवा और हालात खराब हैं। उन्होंने राफेल डील, वोटर लिस्ट घोटाला और पंचायत चुनावों में देरी का उदाहरण देते हुए आलोचना की।
सपा प्रमुख ने जातीय जनगणना कराने पर फिर जोर दिया और मुख्यमंत्री की वर्तमान स्थिति पर व्यंग्य किया।
सिद्दीकी की राजनीतिक पकड़
नसीमुद्दीन सिद्दीकी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक रूप से मजबूत माने जाते हैं। बसपा सरकार में मंत्री रहने के अनुभव और प्रभाव के चलते उनका शामिल होना सपा के लिए रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सपा को मिला मुस्लिम नेतृत्व
नसीमुद्दीन सिद्दीकी के शामिल होने के बाद सपा को एक मजबूत मुस्लिम चेहरा मिल गया है। हाल के वर्षों में पार्टी के पास जमीनी स्तर पर मुस्लिम नेतृत्व का ऐसा प्रभावी चेहरा नहीं था। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह कदम सपा के लिए आगामी चुनावों में रणनीतिक लाभ दे सकता है।
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