अमित शाह ने भारत टैक्सी में न्यूनतम किराया और लाभ-साझेदारी का किया ऐलान

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बताया कि सहकारी मॉडल पर आधारित कैब सेवा ‘भारत टैक्सी’ अपने चालकों के लिए प्रति किलोमीटर न्यूनतम आधार किराया सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा राइड-हेलिंग कंपनियों ने मुनाफा बढ़ाने के लिए कोई न्यूनतम मानक नहीं रखा, जिससे ड्राइवरों की आय अस्थिर बनी रहती है।
सेवा का विस्तार और लक्ष्य:
सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में 15 लाख ड्राइवरों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ना और तीन साल के भीतर सभी नगर निगम क्षेत्रों में सेवा का विस्तार करना है। फिलहाल भारत टैक्सी दिल्ली-एनसीआर और गुजरात के राजकोट में संचालित हो रही है। अमित शाह ने कहा कि इस सेवा का उद्देश्य निजी कंपनियों की तरह अधिकतम मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि श्रमिकों को लाभ में भागीदार बनाना है।
80 फीसदी लाभ सीधे चालकों को:
शाह ने बताया कि प्लेटफॉर्म की कुल आय का 80 प्रतिशत हिस्सा ड्राइवरों को उनके तय किए गए मार्गानुसार दिया जाएगा, जबकि 20 प्रतिशत सहकारी पूंजी में रखा जाएगा। शुरुआती तीन सालों में यह राशि सेवा के विस्तार और संरचना मजबूत करने में काम आएगी। किराया वाहन लागत, ईंधन खर्च और न्यूनतम लाभ को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा और इससे नीचे नहीं जाएगा।
ड्राइवरों को सह-स्वामी बनाने का मॉडल:
ड्राइवर 500 रुपये के शेयर के जरिए सह-स्वामी बन सकेंगे और भविष्य में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में उनके प्रतिनिधि के लिए स्थान आरक्षित होंगे, ताकि नीति-निर्माण में उनकी सीधी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। अमित शाह ने कहा कि निजी एग्रीगेटर कंपनियों में 25-30 प्रतिशत कमीशन लिया जाता है, जबकि भारत टैक्सी कोई कमीशन नहीं लेगी।
सफल सहकारी उदाहरण और महिला सशक्तिकरण:
शाह ने अमूल के सहकारी मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह अमूल ने उत्पादकों को लाभ में हिस्सा दिया, उसी तरह भारत टैक्सी गतिशीलता क्षेत्र में काम करेगी। महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘सारथी दीदी’ फीचर की घोषणा की गई, जिसके तहत अकेली महिला यात्री महिला चालक को प्राथमिकता दे सकेंगी।
शिकायत निवारण और सुविधाएँ:
ड्राइवरों की शिकायतों के लिए ऑनलाइन, कॉल सेंटर और भौतिक माध्यम से तीन-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र तैयार किया जाएगा। ऐप नोटिफिकेशन के जरिए सभी नीतिगत बदलावों की जानकारी पहले दी जाएगी। वाहन खरीद के लिए सहकारी बैंकों के माध्यम से आसान ऋण और बीमा सुविधा भी उपलब्ध होगी।
अमित शाह ने संवाद के दौरान ड्राइवरों से कहा कि वे खुद को ‘ड्राइवर’ नहीं बल्कि ‘सारथी’ कहें, इसे सम्मान और स्वाभिमान के प्रतीक के रूप में देखें। उन्होंने बताया कि भारत टैक्सी का उद्देश्य केवल प्रतिस्पर्धा करना नहीं, बल्कि श्रम की गरिमा को स्थापित करना है।
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