गाजियाबाद में बिल्लियों ने मचाई दहशत, एक महीने में 992 लोग घायल

गाजियाबाद। आवारा कुत्तों के हमलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बीच नगर निकायों को आक्रामक कुत्तों के लिए शेल्टर हाउस बनाने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, गाजियाबाद में हालिया आंकड़े एक अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। यहां कुत्तों के बजाय बिल्लियों के काटने के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जिला एमएमजी अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, 21 जनवरी से 20 फरवरी 2026 के बीच कुल 6,425 लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन दी गई। इनमें 2,917 को पहली खुराक, 1,766 को दूसरी, 1,814 को तीसरी और पांच लोगों को चौथी खुराक दी गई।
रिपोर्ट बताती है कि कुत्तों के काटने के 1,604 मामलों में टीकाकरण किया गया, जिनमें 770 लोग पालतू और 834 आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हुए। वहीं, 992 लोगों ने बिल्लियों के काटने के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई। इनमें अधिकांश मामले पालतू बिल्लियों से जुड़े थे। चौंकाने वाली बात यह है कि बिल्ली के काटने के मामलों में 950 महिलाएं शामिल हैं, जबकि बाकी बच्चे हैं।
गंभीर रूप से घायल 15 मरीजों को एंटी रेबीज सीरम भी देना पड़ा। पिछले वर्ष 21 अगस्त से 21 नवंबर के बीच 1,282 लोगों ने बिल्ली के काटने के बाद टीकाकरण कराया था, जो इस समस्या के लगातार बने रहने की ओर इशारा करता है।
सोमवार को ही कुत्तों के काटने के मामलों में दोनों सरकारी अस्पतालों में 387 लोगों ने एंटी रेबीज टीका लगवाया, जिनमें 56 बच्चे शामिल थे। जिला एमएमजी अस्पताल में 223 लोगों में से 92 ने पहली खुराक ली, जबकि संयुक्त अस्पताल में 164 लोगों में से 48 ने पहली डोज लगवाई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पशुओं के काटने के मामलों में सावधानी और समय पर टीकाकरण ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
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