दिल्ली आबकारी नीति मामला: सीबीआई ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा

दिल्ली की चर्चित आबकारी नीति से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की है। शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित कई आरोपियों को सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में बरी कर दिया था।
अदालत ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया आपराधिक षड्यंत्र के पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाए गए। हालांकि, केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े धनशोधन मामले में कोई राहत नहीं मिली है, क्योंकि वह अलग कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहा है।
फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज
अदालत के निर्णय के बाद अरविंद केजरीवाल ने अपने आवास से पार्टी कार्यालय तक रोड शो किया। समर्थकों का अभिवादन करते हुए उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में फैसले को “ऐतिहासिक” बताया।
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी को राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को दिल्ली में दस से अधिक सीटें मिलती हैं तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार वर्षों में केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों से किया गया। केजरीवाल ने दावा किया कि अदालत के सैकड़ों पन्नों के आदेश में मुकदमा चलाने योग्य सबूतों की कमी बताई गई है।
कांग्रेस पर भी पलटवार
कांग्रेस ने फैसले के समय को लेकर सवाल उठाए थे और इसे चुनावी परिप्रेक्ष्य से जोड़ा था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामलों का जिक्र करते हुए जवाब दिया और कहा कि अदालत का फैसला तथ्यों पर आधारित है।
क्या है पूरा मामला?
कोविड काल के दौरान दिल्ली सरकार ने वर्ष 2021-22 के लिए नई आबकारी नीति लागू की थी। नीति के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद उपराज्यपाल ने CBI जांच की सिफारिश की थी। बढ़ते विवादों के बीच बाद में यह नीति वापस ले ली गई।
अगस्त 2022 में CBI ने कथित प्रक्रियागत उल्लंघनों को लेकर एफआईआर दर्ज की। इसके बाद ED ने उसी आधार पर धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अलग जांच शुरू की।
CBI और ED की जांच में अंतर
दोनों एजेंसियां इस मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही हैं।
-
CBI नीति निर्माण और अनुमोदन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की पड़ताल कर रही थी।
-
ED कथित रूप से अवैध धन के लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच कर रही है।
अब हाईकोर्ट में CBI की अपील पर सुनवाई के बाद ही आगे की कानूनी दिशा स्पष्ट होगी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.