दिल्ली: एक क्लिक पर शिकायत से समाधान तक, सीएम जनसुनवाई पोर्टल शुरू

दिल्ली में शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सचिवालय में कई महत्वपूर्ण आईटी परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें सीएम जनसुनवाई पोर्टल और मोबाइल ऐप, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) डिजिटल सेवा पोर्टल के माध्यम से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं और ईडब्ल्यूएस, डीजी, सीडब्ल्यूएसएन एडमिशन के लिए नया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, आसान और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाना है।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री आशीष सूद, आईटी मंत्री पंकज कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के जरिए सरकार और जनता के बीच की दूरी कम की जा रही है और यह सिर्फ पोर्टल नहीं बल्कि सुशासन की दिशा में ठोस कदम हैं।
सीएम जनसुनवाई पोर्टल: शिकायतें एक ही जगह
नए पोर्टल को एकीकृत प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है, जहां एमसीडी, डीडीए, दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के सभी विभागों से जुड़ी शिकायतें दर्ज होंगी। शिकायतें ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप, कॉल सेंटर (1902) या मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से की जा सकती हैं। प्रत्येक शिकायत को यूनिक रेफरेंस आईडी मिलेगी और एसएमएस के जरिए हर चरण की जानकारी दी जाएगी। शिकायतों की निगरानी तीन स्तरों पर होगी: जन शिकायत समाधान अधिकारी (जेएसएसए), अपीलीय प्राधिकारी (एए) और अंतिम अपीलीय प्राधिकारी (एफएए)। यदि फीडबैक नकारात्मक आया तो मामला अपने आप ऊपरी स्तर पर जाएगा।
सीएससी के जरिए ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं
डिजिटल डिवाइड को कम करने के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं को 7,000 से अधिक सीएससी केंद्रों से जोड़ा गया है। अब नागरिक आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, सामाजिक कल्याण, खाद्य आपूर्ति, श्रम और शिक्षा विभाग की करीब 75 सेवाएं मात्र 30 रुपये शुल्क में प्राप्त कर सकेंगे। इससे निजी साइबर कैफे की मनमानी पर रोक लगेगी और सेवाएं स्थानीय स्तर पर सस्ती उपलब्ध होंगी।
ईडब्ल्यूएस, डीजी, सीडब्ल्यूएसएन एडमिशन में पारदर्शिता
नए क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म पर आधार से पहचान सत्यापन, जन्म प्रमाणपत्र का डिजिटल वेरिफिकेशन और आय प्रमाणपत्र की ऑनलाइन जांच अनिवार्य होगी। सीट आवंटन पूरी तरह स्वचालित प्रणाली से होगा और अभिभावकों को रियल टाइम अपडेट मिलेगा। इससे डुप्लीकेसी, फर्जी फॉर्म और बिचौलियों पर रोक लगेगी।
संपत्तियों और परियोजनाओं की डिजिटल निगरानी
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार की सभी संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखने के लिए एसेट मैनेजमेंट पोर्टल बनाया गया है। इससे जमीन और भवनों की स्थिति, उपलब्धता और अतिक्रमण की जानकारी एक प्लेटफॉर्म पर रहेगी। वहीं सीएम प्रगति पोर्टल के जरिए सरकारी परियोजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी और किसी फाइल की स्थिति सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचेगी।
सरकार का उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने कहा, "हम तकनीक के माध्यम से सरकार और जनता के बीच की दूरी खत्म कर रहे हैं। यह सिर्फ शिकायत सुनने का तरीका नहीं है, बल्कि समय पर समाधान देने का सिस्टम है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, जवाबदेही तय होगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगेगी।"
शिक्षा मंत्री और आईटी मंत्री की राय
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि नए ईडब्ल्यूएस पोर्टल से प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित होगी। आईटी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि राजधानी डिजिटल सुशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। 200 से अधिक विभागों में ई-ऑफिस से काम पेपरलेस हो रहा है और जल्द ही व्हाट्सऐप आधारित सेवा भी शुरू होगी, जिससे नागरिक चैट के माध्यम से जानकारी और सेवाएं ले सकेंगे।
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