हरियाणा के गांवों में नशा बना महामारी, ओवरडोज और मौतें बढ़ी

हरियाणा। राज्य में नशे की समस्या अब सिर्फ आदत नहीं, बल्कि एक गंभीर जख्म बन चुकी है जिसे सिस्टम की लापरवाही और समाज की चुप्पी लगातार बढ़ा रही है। हालात इतने भयावह हैं कि युवा नशे के लिए अपनी इंसानियत की हदें पार कर रहे हैं। कई जगह युवाओं ने अपनी नसों से खून निकालकर उसमें नशे की गोलियां घोलने और फिर उसी जहर को शरीर में वापस लगाने तक की हदें पार कर दी हैं। यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में फैली हकीकत है।
ओटू गांव की दर्दनाक हकीकत
सिरसा जिले के रानियां हलके का ओटू गांव, जिसमें लगभग छह हजार लोग रहते हैं, नशे की बढ़ती मार का एक उदाहरण है। ग्रामीणों ने बताया कि कई युवा गुपचुप तरीके से नशा कर रहे हैं, मौत के जोखिम को नजरअंदाज कर रहे हैं, जबकि उनके बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और बच्चे लाचार होकर स्थिति देख रहे हैं।
पानी न मिलने पर खून में नशा
ओटू के पड़ोसी गांव ढाणी प्रताप की महिला सरपंच के पति सुनील कुमार ने बताया कि कई बार पानी की कमी के कारण युवा अपने खून में नशे की गोलियां घोलकर इंजेक्शन लगाते हैं। गांव के श्मशान घाट के आसपास देर शाम या रात में ऐसा करते हुए कई युवाओं को देखा जा सकता है।
35 से अधिक युवाओं की मौत, उम्र 16-25 वर्ष
गांव निवासी बूटा सिंह ने बताया कि कोविड-19 के बाद नशे की किल्लत और उसकी लत ने कई युवाओं की जान ले ली। 2020 से अब तक ओटू गांव में 35 से अधिक युवाओं की मौत हो चुकी है। पूर्व सरपंच होशियार सिंह के मुताबिक, नशे के दलदल में फंसे युवा लगातार मौत की जद में हैं और कई गांव इसी संकट से जूझ रहे हैं।
खेल मैदान का वादा अधूरा
ब्लॉक समिति सदस्य गुरुदेव सिंह ने बताया कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए 2017-18 में खेल मैदान बनाने का वादा किया गया था। पंचायत ने इसके लिए दो एकड़ जमीन भी उपलब्ध करवाई थी, लेकिन अब तक कोई काम नहीं हुआ और जमीन पर कूड़ाघर बन चुका है। सीईओ डॉ. सुभाष ने बताया कि खेल मैदान का निर्माण प्रक्रियाधीन है और इसे जल्द पूरा किया जाएगा।
नशे ने परिवारों को तोड़ा
ओटू के 85 वर्षीय बुजुर्ग मुख्तियार ने बताया कि उनके 19 वर्षीय छोटे पोते की नशे की ओवरडोज से मौत हो गई। बड़ा पोता अब राजस्थान के हनुमानगढ़ स्थित नशामुक्ति केंद्र में उपचाराधीन है। परिवार ने छोटे पोते के इलाज पर लगभग 4.5 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
एक ही दिन में दो मौतें
ग्रामीणों ने बताया कि 23-24 अक्टूबर को नशे के ओवरडोज से सुखचैन (20) और विक्की (19) की मौत एक ही दिन में हो गई।
विधायक ने उठाया मुद्दा
रानियां के विधायक अर्जुन चौटाला ने कहा कि विधानसभा में उन्होंने बार-बार इस समस्या को उठाया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि चिट्टा बेचने वालों, तस्करों और माफियाओं के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए, सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों को मजबूत किया जाए और जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटियां बनाई जाएं।
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