फर्जी दस्तावेज़ और बोगस फर्में: कानपुर में 250 करोड़ रुपये की GST चोरी का पर्दाफाश

कानपुर/रायबरेली: जिले में पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे लोन दिलाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। नजीराबाद थाना पुलिस ने 250 करोड़ रुपये की GST हेराफेरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पांच आरोपी अभी भी फरार हैं।
कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह मामला लगभग दो महीने पहले शुरू हुआ, जब शिकायतकर्ता अनुराग वर्मा ने थाना में शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि एक युवक ने लोन दिलाने के नाम पर उनके आधार, पैन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज़ ले लिए थे।
जांच में सामने आया कि आरोपी कपिल मिश्रा और उसके सहयोगियों ने आम लोगों के दस्तावेज़ों का दुरुपयोग करते हुए फर्जी फर्में बनाई थीं। इन फर्मों के जरिए वे लाखों रुपये का लेन-देन करते थे। अब तक की जांच में पुलिस ने 38 फर्जी कंपनियों की पहचान की है और 250 करोड़ रुपये की GST चोरी का खुलासा हुआ है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपियों ने छात्र, ई-रिक्शा चालक और निजी नौकरी पेशा लोगों के नाम पर फर्में बनाई और बैंक में इनके खाते खोले। अब पुलिस ने इन सभी फर्मों और खातों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पहले ही एक खाते में डेढ़ करोड़ रुपये जमा राशि को फ्रीज कर दिया गया है।
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