नम आंखों से हरीश राणा को दी गई अंतिम विदाई, दिल्ली के ग्रीन पार्क में हुआ अंतिम संस्कार

नई दिल्ली। बुधवार को हरीश राणा को दिल्ली के ग्रीन पार्क में भावपूर्ण अंतिम विदाई दी गई। सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद एम्स में उनकी इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) के तहत मृत्यु हुई थी। अंतिम संस्कार में परिवार, रिश्तेदार और स्थानीय लोग नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए भावुक नजर आए।
हरीश की जिंदगी 2013 के एक दर्दनाक हादसे के बाद पूरी तरह बदल गई थी। मात्र 19 साल की उम्र में वह कोमा में चले गए थे। हरीश ने 2010 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में सिविल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था और 2013 में अंतिम वर्ष के छात्र थे। उसी साल रक्षाबंधन के दिन, बहन से मोबाइल पर बात करते हुए वह पीजी हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए।
इस हादसे के बाद हरीश लगभग 13 साल तक परमानेंट वेजिटेटिव स्टेट (स्थायी वनस्पति अवस्था) में रहे। इस दौरान वे केवल मशीनों पर सांस ले पाते थे और आंखें झपकाते थे, लेकिन बोल या हिल नहीं सकते थे।
परिवार की हिम्मत और सुप्रीम कोर्ट का फैसला
हरीश के माता-पिता ने हर संभव प्रयास किया – डॉक्टर, अस्पताल और कोर्ट तक गुहार लगाई। बेटे की लगातार दर्दनाक स्थिति को देखते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से सम्मानजनक मृत्यु की अनुमति मांगी। सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च 2026 को इच्छामृत्यु की मंजूरी दी।
हरीश को 14 मार्च को एम्स में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने धीरे-धीरे उनके लाइफ सपोर्ट सिस्टम को हटाना शुरू किया। अंतिम सप्ताह में उन्हें केवल दर्द निवारक दवाएं दी गईं और भोजन-जल बंद कर दिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
20 अगस्त 2013: हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल
2022: माता-पिता ने दिल्ली हाई कोर्ट में इच्छामृत्यु याचिका दाखिल की
8 जुलाई 2024: हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की
15 जनवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
11 मार्च 2026: सुप्रीम कोर्ट ने इच्छामृत्यु की अनुमति दी
14 मार्च 2026: हरीश को एम्स में भर्ती कराया गया
24 मार्च 2026: हरीश राणा का एम्स में निधन
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