हिमाचल कैबिनेट की बड़ी बैठक, 1582 पदों पर भर्ती को मंजूरी

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम प्रशासनिक और नीतिगत फैसलों पर मुहर लगाई गई। बैठक में कुल 1582 विभिन्न पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई, जिससे राज्य के अलग-अलग विभागों में कार्यबल को मजबूत किया जाएगा।
कैबिनेट ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में भी बड़ा संशोधन किया है। इसके तहत प्राकृतिक तरीके से उत्पादित गेहूं का एमएसपी 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। मक्की का एमएसपी 40 से बढ़ाकर 50 रुपये, चंबा जिले की पांगी घाटी के जौ का एमएसपी 60 से बढ़ाकर 80 रुपये, कच्ची हल्दी का एमएसपी 90 से बढ़ाकर 150 रुपये तथा अदरक का एमएसपी 30 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है।
बैठक में पुलिस विभाग में 1000 कांस्टेबल पदों के सृजन और उन्हें भरने को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही वन विभाग में 500 सहायक वन रक्षक पदों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 50 प्रतिशत आरक्षण वन मित्रों के लिए रहेगा। वन विभाग के कामकाज को सुचारू बनाने के लिए राजस्व विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी निश्चित मानदेय पर शामिल करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें 8 नायब तहसीलदार, 20 कानूनगो और 44 पटवारी शामिल होंगे। साथ ही 10 क्षेत्रीय मंडलों में 10 विधि सलाहकार (लीगल कंसलटेंट) की नियुक्ति भी की जाएगी।
सरकार ने नए चिकित्सा महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सेवानिवृत्त फैकल्टी सदस्यों को प्रोफेसर के रूप में सेवाएं देने की अनुमति दी है। इससे मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई और संचालन व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा सिरमौर जिले में जल शक्ति विभाग की प्रशासनिक संरचना को विधानसभा क्षेत्रों के आधार पर पुनर्गठित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि लोगों को सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जा सकें।
कैबिनेट ने फायर एनओसी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य व्यापार सुगमता बढ़ाना, आवासीय भवनों के लिए प्रक्रिया आसान करना और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
युवाओं को सेना भर्ती के लिए प्रेरित करने के लिए 1 मई 2026 से परमवीर चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन संजय कुमार की सेवाएं लेने का भी निर्णय लिया गया है। वहीं हाइड्रो पावर पॉलिसी 2006 के तहत राज्य में पात्र मानदंड पूरे करने वाले स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों को 71 लघु जल विद्युत परियोजनाएं आवंटित करने की भी मंजूरी दी गई।
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