यूपी में अग्निवीरों को पुलिस-PAC भर्ती में मिलेगा 20% आरक्षण, बिना परीक्षा होगी नियुक्ति

HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री ने अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को नौकरी देने की बात कही।
- अब तक 12 से 15 हजार लोगों को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।
- करीब 4,500 उपनिरीक्षकों, 45 हजार कांस्टेबलों और 42 हजार होमगार्डों को नियुक्ति पत्र देने की तैयारी है।
गोंडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद लौटने वाले अग्निवीरों को उत्तर प्रदेश में पुलिस, पीएसी सहित विभिन्न विभागों की भर्तियों में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। उन्हें भर्ती परीक्षा से नहीं गुजरना होगा, बल्कि सीधे नियुक्ति दी जाएगी। इससे अग्निवीरों को सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिलेगा।
सोमवार को छपिया के तेजपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अखिलेश यादव से कहा था कि अगर गिनती आती है तो गिन लें, अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को नौकरी दी जाएगी। अब तक 12 से 15 हजार लोगों को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 4,500 उपनिरीक्षकों, 45 हजार पुलिस कांस्टेबलों और 42 हजार होमगार्डों को नियुक्ति पत्र देने की तैयारी है। इसके अलावा शिक्षकों और अन्य विभागों में भी भर्तियां की जाएंगी।
खिलाड़ियों के लिए सरकार की नीति- पदक लाओ, पद पाओ
योगी आदित्यनाथ ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार की नीति है- पदक लाओ, हमसे पद पाओ। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से खिलाड़ियों को भी नियुक्तियां दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को डिप्टी एसपी और खेल अधिकारी जैसे पदों पर नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि सरकार ने रोजगार पाने और आगे बढ़ने के लिए कई अवसर उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने गोंडा के लोगों को बधाई दी और जय हिंद व जय श्रीराम के उद्घोष के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।
विश्वविद्यालय से रुकेगा नकल का कारोबार
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडा में विश्वविद्यालय की स्थापना के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा नकल के ठेके चलाने वाले लोग थे। उन्हें आशंका थी कि विश्वविद्यालय बनने से उनका कारोबार बंद हो जाएगा। इसी कारण वे यहां विश्वविद्यालय की स्थापना नहीं चाहते थे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने विश्वविद्यालय देकर नकल के इस धंधे पर रोक लगाने और युवाओं का भविष्य बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाया है। अब यहां नकल के बजाय बच्चों के जीवन को संवारने और उन्हें शिक्षा के बेहतर अवसर देने पर काम होगा।
तेजपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय बनने से गोंडा के साथ देवीपाटन मंडल के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्हें अपने क्षेत्र में ही बेहतर शैक्षिक सुविधाएं मिलेंगी और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।
योगी ने बताया कि गोंडा में महाराजा देवी बख्श सिंह के नाम पर मेडिकल कॉलेज बन चुका है। बहराइच में महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज संचालित है, जबकि बलरामपुर में अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में है।
उन्होंने गोंडा-बलरामपुर और गोंडा-अयोध्या मार्ग के चौड़ीकरण का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, केंद्र सरकार से इनकी स्वीकृति मिल चुकी है और केंद्रीय मंत्री व सांसद कीर्तिवर्धन सिंह इसके लिए प्रयास कर रहे हैं।
पहले सबसे गंदे शहरों में गिना जाता था गोंडा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2016 के स्वच्छता सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि उस समय गोंडा देश के सबसे गंदे शहरों में शामिल था। उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल में गोंडा, बलरामपुर और बहराइच में अज्ञात बीमारी से बच्चों की मौतों का जिक्र करते हुए उस समय की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में गरीब परिवारों के बच्चों की जान की परवाह नहीं की गई और जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं पहुंचता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गरीबों को राशन, रसोई गैस और आयुष्मान योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने दीपावली से पहले गरीब परिवारों को एक मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर देने की बात भी कही।
योगी ने खाद्यान्न घोटाले का उल्लेख करते हुए पिछली सरकारों पर गरीबों के हक पर डाका डालने का आरोप लगाया।
गोंडा के लिए 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं मंजूर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में गोंडा जिले के लिए 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। वहीं, देवीपाटन मंडल में करीब 50 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम हुआ है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 के निवेश सम्मेलन में गोंडा के लिए करीब तीन हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इनमें से सैकड़ों करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए पराली और बायोगैस के माध्यम से भी प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर, स्वामीनारायण मंदिर छपिया और वाराही देवी मंदिर की धार्मिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने लोगों से दीपावली पर गरीब और वंचित परिवारों के साथ खुशियां साझा करने की अपील की।
कार्यक्रम में केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह, जिलाध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी, गौरा के भाजपा विधायक प्रभात वर्मा, मनकापुर के रमापति शास्त्री, तरबगंज के प्रेमनरायन पांडेय, करनैलगंज के अजय सिंह और मेहनौन के विनय कुमार द्विवेदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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