भारतीय अर्थव्यवस्था हर चुनौतियों से निपटने में सक्षम: वित्त मंत्री

नई दिल्ली – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि कोरोना काल में लागू आत्मनिर्भर भारत योजना की वजह से आज देश किसी भी अनिश्चित आर्थिक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। संसद में पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से अर्थव्यवस्था पर प्रभाव को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर इस संकट का देश पर कोई गंभीर असर नहीं होगा।
वित्त मंत्री ने बताया कि अगले वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने 12.20 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया है, जिससे विकास की गति बनी रहेगी। ऊर्जा संकट को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और वर्तमान में देश की बिजली उत्पादन क्षमता 5.25 लाख मेगावाट से अधिक हो चुकी है, जो 2014 की तुलना में दोगुनी है।
एलपीजी उत्पादन और घरेलू आपूर्ति
सीतारमण ने बताया कि घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन में 25 प्रतिशत वृद्धि की जा चुकी है। देश में जरूरत का 65 प्रतिशत एलपीजी आयात किया जाता है, जिनमें से 95 प्रतिशत होमुर्ज मार्ग से आता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की कोई कमी नहीं होगी और उनकी आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
1 लाख करोड़ का आर्थिक स्थिरता फंड
वित्त मंत्री ने संसद को बताया कि सरकार ने पश्चिम एशिया में युद्ध से उत्पन्न आर्थिक संकट को देखते हुए 1 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक स्थिरता फंड बनाया है। यह फंड आपात स्थिति में वित्तीय बफर का काम करेगा।
राजकोषीय घाटा और वित्तीय सुधार
सीतारमण ने कहा कि यूपीए सरकार के समय ऑयल बांड के माध्यम से लिए गए कर्ज और उनके ब्याज की पूर्ति के लिए एनडीए सरकार ने 2.92 लाख करोड़ रुपये चुकाए। इसके अलावा, बैंकों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए 2.8 लाख करोड़ रुपये की राशि डाली गई। इन आंकड़ों को मिलाने पर यूपीए के समय राजकोषीय घाटा जीडीपी का 7.9 प्रतिशत था।
वर्तमान में, कोरोना काल में बढ़े राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करते हुए इसे 4.4 प्रतिशत तक लाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि बीएसएनएल को यूपीए सरकार ने फंड और सुविधाओं से वंचित रखा और उस दौरान विदेशी टेलीकॉम उपकरणों का बड़े पैमाने पर आयात किया गया।
वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया कि आत्मनिर्भर भारत योजना और मौजूदा आर्थिक नीतियों के चलते देश हर प्रकार की अनिश्चितताओं से निपटने में सक्षम है।
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