खानपुर विधायक उमेश कुमार ने किया इस्तीफे का ऐलान, विपक्ष पर लगाया साथ न देने का आरोप

HIGHLIGHTS
- उमेश कुमार ने आरोप लगाया कि साढ़े चार साल में विपक्ष ने उनके मुद्दों पर कभी साथ नहीं दिया।
- उन्होंने इकबालपुर शुगर मिल पर किसानों का 118 करोड़ रुपये का भुगतान दो साल से बकाया होने की बात कही।
- विधायक ने 2023 की आपदा में हरिद्वार में फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया।
उत्तराखंड: खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वह बुधवार को सदन से इस्तीफा देंगे। उमेश कुमार ने आरोप लगाया कि उन्होंने विपक्ष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया, लेकिन राज्य में भ्रष्टाचार से लेकर हरिद्वार के किसानों की समस्याओं तक विपक्ष उनके साथ खड़ा नहीं हुआ। उन्होंने अगली बार अपने जैसे दो-चार और लोगों के साथ सदन में पहुंचने की इच्छा भी जताई।
मीडिया से बातचीत में उमेश कुमार ने कहा कि खानपुर की जनता ने उन्हें निर्दलीय विधायक के रूप में हरिद्वार जनपद से चुनकर भेजा था। उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल तक भ्रष्टाचार और किसानों के मुद्दों पर उन्होंने विपक्ष से समर्थन की उम्मीद की, लेकिन उन्हें निराशा ही मिली।
विधायक ने कहा कि विपक्ष के हर मुद्दे पर वह उनके साथ रहे। सदन में विपक्ष के साथ वेल में बैठने से लेकर रात में सदन के भीतर उनके साथ सोने तक उन्होंने उनका साथ दिया। इसके बावजूद साढ़े चार साल में ऐसा कोई दिन नहीं आया, जब विपक्ष उनके मुद्दों पर उनके साथ खड़ा हुआ हो।
किसानों की समस्याओं को लेकर विपक्ष पर उठाए सवाल
उमेश कुमार ने कहा कि वह सदन से इस्तीफे की घोषणा कर रहे हैं और प्रयास करेंगे कि अगली बार उनके साथ कुछ और लोग भी सदन में पहुंचें। उन्होंने इकबालपुर शुगर मिल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 118 करोड़ रुपये का भुगतान दो साल से बकाया है। उन्होंने दावा किया कि कई किसानों की बीमारी के दौरान इलाज के लिए पैसे नहीं होने के कारण मौत हो गई।
उन्होंने 2023 की आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि पूरा हरिद्वार जनपद बाढ़ से प्रभावित हुआ था और फसलें बर्बाद हो गई थीं। इसके बावजूद किसानों की आरसी काट दी गई। उमेश कुमार ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड का ब्याज माफ नहीं किया गया और बिजली बिलों का बकाया भी माफ नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए और बिजली बंद कर दी गई।
अगली बार दो-चार लोग और साथ आने की जताई उम्मीद
उमेश कुमार ने कहा कि वह बुधवार को सदन से इस्तीफा देंगे। उन्होंने कहा कि अगर ईश्वर ने चाहा तो अगली बार उनके साथ दो-चार लोग और सदन में पहुंचेंगे।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अच्छी सड़कें, भ्रष्टाचार मुक्त शासन और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं चाहता है। विपक्ष की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “भगत सिंह पड़ोसी के घर में पैदा हो।”
कांग्रेस और भाजपा में जाने से किया इनकार
उमेश कुमार ने स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस में नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह उन नेताओं के नारे नहीं लगा सकते, जो कल तक उनके घर के दरवाजे के बाहर बैठे थे।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा में जाकर क्या वह त्रिवेंद्र रावत के नारे लगाएंगे या कांग्रेस में जाकर हरीश रावत जिंदाबाद के नारे लगाएंगे।
बता दें कि उमेश कुमार की पत्नी ने हाल ही में जन निर्माण पार्टी बनाई है। चर्चा है कि उमेश कुमार अगले चुनाव में इसी पार्टी से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।
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