विश्व पुस्तक मेला 2026 का अंतिम दिन: अमित शाह, भगवंत मान और सेना प्रमुख भी हुए शामिल

नई दिल्ली। समापन की ओर बढ़ते 53वें विश्व पुस्तक मेले में अब न केवल आम पाठक, बल्कि कई प्रमुख गणमान्य भी ज्ञान और संस्कृति के इस महाकुंभ में भाग लेने पहुंच रहे हैं। रविवार को नौ दिवसीय मेले का अंतिम दिन है, और इसी मौके पर किताबों पर आकर्षक छूट भी मिल रही है।
शनिवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारत मंडपम के विभिन्न हॉल का दौरा किया। उन्होंने “भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा @ 75” थीम पवेलियन का अवलोकन किया, जहां भारत की सैन्य परंपरा, पराक्रम और रणनीतिक विकास को दर्शाया गया था। इसके अलावा उन्होंने कतर समेत अन्य अतिथि देशों के पवेलियनों का दौरा किया और हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं के प्रकाशकों से भेंट कर पठन संस्कृति और भाषाई विविधता में उनके योगदान की सराहना की।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) के स्टॉल का दौरा किया और पुस्तक प्रेमियों के साथ बच्चों के पवेलियन ‘किड्स एक्सप्रेस’ में स्कूली छात्रों को पुस्तकें वितरित कीं। थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी सैन्य थीम पवेलियन का भ्रमण किया और प्रमुख सैन्य अभियानों, परमवीर चक्र गैलरी और जमीनी नेतृत्व को दर्शाती प्रदर्शनी देखी।
विश्व पुस्तक मेले में अन्य गणमान्य अतिथियों में राज्यसभा उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, राज्यसभा सदस्य राधा मोहन दास अग्रवाल, कथावाचक जया किशोरी, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और पूर्व राज्यसभा सदस्य विनय सहस्रबुद्धे शामिल रहे।
एक विशेष काव्य सत्र में महिला कवियों ने अपने अनुभवों और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। नीति पार्थी ने अपनी कविता “बेटी हूँ मैं हिंदुस्तान की” का पाठ कर शिक्षा, पहचान और देशभक्ति के माध्यम से महिलाओं की सशक्त यात्रा को उजागर किया।
आध्यात्मिक मार्गदर्शक जया किशोरी ने विद्यार्थियों और युवा पीढ़ी को अनुशासन, आंतरिक संतुलन और नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जीवन में स्पष्टता और उद्देश्य हासिल करने के तरीकों के बारे में मार्गदर्शन दिया।
युवा लेखिका अभिजिता गुप्ता ने अपनी चौथी पुस्तक ‘मार्क ऑफ द कीपर: वील ऑफ लाइट’ का विमोचन किया। महज सात वर्ष की उम्र में लेखन की दुनिया में कदम रखने वाली अभिजिता अब तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज करा चुकी हैं।
इस अवसर पर लेखक प्रेम जनमेजय की पुस्तक ‘रामदरश मिश्र की व्यंग्य चेतना एवं चयनित व्यंग्य रचनाएं’ का भी लोकार्पण हुआ। इस कार्यक्रम में डॉ. ओम निश्चल, प्रो. स्मिता मिश्र, डॉ. वेदमित्र शुक्ल, डॉ. अमरेंद्र पांडेय और डॉ. हरिशंकर राठी ने भाग लिया।
प्रभात प्रकाशन ने मेले के आखिरी दिन रविवार को 10 पुस्तकों की खरीद पर 40 प्रतिशत की विशेष छूट की घोषणा की।
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