मेरठ अग्निकांड: परिवार पर छाया मातम, 5 बच्चों सहित 6 की मौत

मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर इस्लामाबाद में सोमवार रात हुए भीषण अग्निकांड ने एक पूरे परिवार को तहस-नहस कर दिया। कपड़ा कारोबारी इकबाल अहमद के घर में अचानक आग लगने से उनके बेटे आसिम की पत्नी रुखसार, उनके तीन वर्षीय बेटा अकदस, छह माह की जुड़वां बेटियां अनबिया और आयत (इनायत), और आसिम के भाई फारूक की दो संतानें – बेटी महविश और बेटा हम्माद – झुलस कर मौत के मुंह में चले गए। हादसे में इकबाल की पत्नी अमीर बानो झुलस गई हैं।
आग का भयावह मंजर
आसिम ने बताया कि आग लगने के समय रुखसार अपने जुड़वां बच्चों को दूसरी मंजिल पर गोद में लिए हुई थीं। छोटा अकदस मां के आगोश से बचकर किचन में छिप गया था, जहां बेसुध पड़ा मिला। रुखसार कुछ ही दिन पहले बच्चों के साथ मायके से लौटी थी। अगर वे वहीं रहतीं, तो शायद यह दर्दनाक हादसा नहीं होता। आसिम के अनुसार अकदस काफी चंचल था और हमेशा बाजार में कुछ न कुछ दिलाने की जिद करता रहता था।
उनकी जुड़वां बेटियां अनबिया और आयत एक सप्ताह पहले बीमार पड़ी थीं और उन्हें एक साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह दुखद संयोग है कि दोनों बच्चों ने एक साथ जीवन छोड़ दिया।
परिजन ने रखा रोज़ा
हादसे के बावजूद मंगलवार को आसिम और परिवार के अन्य सदस्य रोज़ा रखते हुए अपने दुख को सहने का प्रयास कर रहे थे। आसिम ने बताया कि जब उन्हें मरहम लगाया जा रहा था, तो एक साथी ने उनसे पानी मांगने पर कहा, "इनका रोज़ा है।"
समाज का समर्थन
हादसे के तुरंत बाद मोहल्ले के लोग मस्जिद छोड़कर घर की ओर दौड़े और परिवार को बचाने की कोशिश की। एक साथ चार जनाजे उठने से पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल बन गया। महिलाओं की आंखों से आंसू छलक पड़े और बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
हादसे की वजह
सूत्रों के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और कमरे में रखे कपड़ों तक फैल गई। पुलिस और दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और घायलों को पास के राजधानी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित किया।
परिवार की जानकारी
इकबाल अहमद के पांच बेटे हैं – फारूक, डॉ. अरशद, आसिम, नाजिम और कासिम। घर में कपड़े का कारोबार होता है, जिसमें कटे हुए कपड़े सिलकर ऑनलाइन बेचे जाते हैं। फारूक पास की किराना दुकान चलाते हैं।
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