‘सचिन और शेन वॉर्न हैं मेरे आदर्श’: मेरठ में बोले कुलदीप यादव

मेरठ: भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव ने अपने क्रिकेट करियर, प्रेरणाओं और अनुभवों को साझा करते हुए युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिए। वह मंगलवार को मेरठ के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित एसजी के नए शोरूम में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों को स्पिन गेंदबाजी की बारीकियां सिखाईं और उनसे संवाद भी किया।
बातचीत के दौरान कुलदीप ने बताया कि उनके क्रिकेट आदर्श Sachin Tendulkar और Shane Warne रहे हैं। उन्होंने याद करते हुए कहा कि वर्ष 2012 में, जब वह महज 17 साल के थे, उन्हें पहली बार सचिन तेंदुलकर को नेट पर गेंदबाजी करने का मौका मिला था और उन्होंने उन्हें आउट भी किया था। उस दौरान सचिन के साथ बिताए 25 मिनट उनके लिए बेहद सीखने वाले रहे।
उन्होंने कहा कि शेन वॉर्न की गेंदबाजी ने उन्हें काफी प्रेरित किया, खासकर 2005 की एशेज सीरीज उनके लिए यादगार रही। कार्यक्रम के दौरान कुलदीप ने युवा खिलाड़ियों को गुगली, फ्लिपर, टॉप स्पिन और विभिन्न परिस्थितियों में गेंदबाजी करने के तरीके समझाए।
अपने शुरुआती संघर्षों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अंडर-15 टीम में चयन न होने पर वह निराश हो गए थे, लेकिन उनके पिता ने उन्हें क्रिकेट जारी रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि असफलता हर खिलाड़ी के जीवन का हिस्सा है और इसी से आगे बढ़ने की ताकत मिलती है।
कुलदीप ने फिटनेस और आत्मविश्वास को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी मैदान पर उतरता है, तो उसे अपने उपकरण और अपनी तैयारी पर पूरा भरोसा होना चाहिए। लगातार अभ्यास और आत्ममूल्यांकन से ही बेहतर खिलाड़ी बना जा सकता है।
उन्होंने अपने करियर में सीनियर खिलाड़ियों से मिले सहयोग का भी जिक्र किया, खासतौर पर Mohammad Kaif से मिली सीख को याद किया। साथ ही Virat Kohli और Rohit Sharma के समर्थन को भी अहम बताया।
युवा खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कुलदीप ने Abhishek Sharma और Vaibhav Suryavanshi के प्रदर्शन की सराहना की।
उन्होंने अभ्यास के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि 13 साल की उम्र से ही खिलाड़ियों को रोजाना सुबह-शाम कम से कम दो-दो घंटे अभ्यास करना चाहिए। साथ ही उन्होंने अलग-अलग फॉर्मेट के अनुसार तैयारी करने, पिच के मुताबिक गेंदबाजी में बदलाव लाने और तकनीक पर काम करने की सलाह दी।
कुलदीप ने यह भी कहा कि घरेलू क्रिकेट, टी-20 और आईपीएल जैसे मंचों ने नए खिलाड़ियों के लिए अवसरों के दरवाजे खोल दिए हैं, जिनका सही उपयोग कर युवा खिलाड़ी अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.