शिमला में 918 दिन से धरने पर बैठे दृष्टिबाधितों का अर्धनग्न प्रदर्शन

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में अपनी मांगों को लेकर पिछले 918 दिनों से धरने पर बैठे दृष्टिबाधित बेरोजगारों का मंगलवार को धैर्य टूट गया। लंबे समय से जारी आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय के बाहर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और सड़क पर बैठकर चक्का जाम कर दिया, जिससे शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई।
हिमाचल प्रदेश ब्लाइंड पर्सन्स एसोसिएशन के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने सड़क रोकने की कोशिश की, पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की और तीखी बहस भी देखने को मिली।
प्रदर्शनकारी लंबे समय से नौकरी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं और उनका यह आंदोलन प्रदेश के इतिहास में सबसे लंबे चलने वाले आंदोलनों में से एक माना जा रहा है।
दृष्टिबाधित बेरोजगारों की मुख्य मांग है कि विभिन्न विभागों में खाली पड़े बैकलॉग पदों (लगभग 1100 पद) को जल्द भरा जाए, दिव्यांग पेंशन में बढ़ोतरी की जाए और उनके लिए प्रभावी कल्याणकारी योजनाएं लागू की जाएं।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।
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