बजट में महिला शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस, पंजाब के नेताओं ने उठाए सवाल

पंजाब। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे को लेकर कई अहम घोषणाएं की हैं। बजट में विशेष रूप से उन छात्राओं के लिए कदम उठाए गए हैं जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) से जुड़े संस्थानों में पढ़ाई के लिए अपने घरों से दूर रहती हैं।
फंडिंग के तहत अब प्रत्येक जिले में कम से कम एक महिला छात्रावास की स्थापना की जाएगी, जिससे लंबी अवधि तक प्रयोगशाला और अध्ययन संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही लड़कियों को राहत मिलेगी। पंजाब में इस योजना का बड़ा लाभ होने की उम्मीद है, क्योंकि राज्य की कई छात्राएं दूर शहरों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। पंजाब सरकार भी मोहाली, जालंधर और अमृतसर में करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से पांच महिला हॉस्टल बनाने की प्रक्रिया में है, जिन्हें दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन हॉस्टलों में 24 घंटे सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, वाई-फाई, जिम, लाइब्रेरी, कॉमन रूम और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हर हॉस्टल में लगभग 150-200 छात्राओं के रहने की व्यवस्था होगी, जिससे लगभग 800-1000 छात्राओं को सीधे लाभ मिलेगा।
राज्य नेताओं की प्रतिक्रियाएँ
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्रीय बजट पंजाब की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। उनके मुताबिक, न तो किसानों के लिए MSP पर कोई ठोस घोषणा की गई और न ही युवाओं के लिए रोजगार, उद्योग या टैक्स में कोई राहत दी गई। उन्होंने कहा कि पंजाब और पंजाबियों के साथ हर बार सौतेला व्यवहार किया जाता है।
पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि राज्य के किसानों को बजट में नजरअंदाज किया गया है। गेहूं और चावल के अलावा कोई MSP रोडमैप, बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए सहायता या फसल विविधीकरण पैकेज नहीं है।
वहीं पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह वड़िग ने कहा कि 12 वर्षों में मोदी सरकार ने पंजाब को उसका हक नहीं दिया। बजट भाषण में पंजाब का उल्लेख तक नहीं किया गया।
केंद्र की योजनाओं पर सकारात्मक पहल
बीजेपी पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह गरीब, मजदूर, किसान, महिला और युवाओं पर केंद्रित है और देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए “शी मार्ट” योजना और प्रत्येक जिले में छात्रावास खोलने की योजना महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देगी।
वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों में आपातकालीन और ट्रामा केयर सेंटर की क्षमता 50% तक बढ़ाई जाएगी। कैंसर मरीजों के लिए 17 दवाओं पर कस्टम शुल्क में छूट दी जाएगी, जिससे मालवा बेल्ट के कैंसर प्रभावित मरीजों को राहत मिलेगी।
राज्य और केंद्र के दृष्टिकोण में अंतर
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के किसानों को इस बार भी नजरअंदाज किया गया है। एमएसपी, कृषि ऋण पुनर्गठन और बढ़ती लागत से राहत जैसे कदम नहीं उठाए गए। शिरोमणि अकाली दल के उपाध्यक्ष डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि बजट पंजाब की लगातार उपेक्षा और केंद्रीकृत सोच का प्रतीक है।
उन्होंने आगे कहा कि आम जनता को टैक्स राहत नहीं मिली, महंगाई का दबाव जारी है, और युवाओं की बेरोजगारी पर ध्यान नहीं दिया गया। पंजाब देश का अन्नदाता है और अपनी सीमाओं की रक्षा करता है, लेकिन बजट न तो राज्यों के लिए और न ही समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के लिए संतुलित है।
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