उन्नाव दुष्कर्म केस: पीड़िता ने की सेंगर की अपील में नए साक्ष्य पेश करने की याचिका दायर

नई दिल्ली। उन्नाव दुष्कर्म मामले की पीड़िता ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक अहम याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की सजा के खिलाफ दायर अपील में अतिरिक्त दस्तावेज और साक्ष्य पेश करने की अनुमति मांगी है। पीड़िता का उद्देश्य अदालत में हालिया घटनाक्रम और अपने परिवार की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत करना है।
यह याचिका सेंगर की उस अपील के जवाब में दायर की गई है, जिसमें उन्होंने दिसंबर 2019 में सुनाए गए ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें दुष्कर्म का दोषी ठहराया गया था। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि सेंगर ने मामले की जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया और मुकदमे में झूठे दस्तावेजों और जाली प्रमाणों का सहारा लिया गया।
याचिका में पीड़िता ने यह भी मांग की है कि उसके स्कूल के दो अधिकारियों से उसकी जन्म तिथि प्रमाणित करने के लिए अतिरिक्त साक्ष्य दर्ज कराने का निर्देश दिया जाए।
अदालत ने इस याचिका की सुनवाई की तारीख 25 फरवरी तय की है। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ ने पीड़िता के वकील से 31 जनवरी तक प्रासंगिक दस्तावेज दाखिल करने को कहा है। साथ ही, सेंगर और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को भी इस याचिका पर अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
यह याचिका दिल्ली हाईकोर्ट के 23 दिसंबर 2025 के आदेश के बाद दायर की गई है, जिसमें सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित कर दिया गया था। उस आदेश में कहा गया था कि वह पहले ही सात साल और पांच महीने जेल में बिता चुका है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 29 दिसंबर 2025 को इस आदेश को स्थगित कर दिया था।
उच्च न्यायालय ने सेंगर की सजा को दुष्कर्म के मामले में अपील लंबित रहने तक निलंबित किया था। अब पीड़िता अदालत से अपील में अतिरिक्त साक्ष्य शामिल करने और सुरक्षा संबंधी तथ्यों को ध्यान में रखने की अनुमति मांग रही है।
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