हाई कोर्ट से राहत के बाद आजम खां की मुश्किलें बढ़ीं, रिहाई पर फिर लगा ब्रेक

HIGHLIGHTS
- आजम खान की रिहाई से जुड़ा मामला अभी अदालत में विचाराधीन है।
- ED की ओर से दर्ज FIR के संबंध में रिमांड अर्जी दाखिल की गई है।
- सोमवार को अदालत में रिमांड अर्जी पर सुनवाई होगी।
रामपुर: हाई कोर्ट से राहत मिलने के बावजूद आजम खान की जेल से रिहाई का रास्ता फिलहाल साफ नहीं हुआ है। ईडी की ओर से अजीम नगर थाने में दर्ज कराई गई भ्रष्टाचार की प्राथमिकी के मामले में पुलिस ने रिमांड के लिए स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए सेशन ट्रायल में आवेदन दाखिल किया है। इस पर सुनवाई के लिए अदालत ने आजम खान को सोमवार को तलब किया है।
यदि अदालत रिमांड मंजूर कर लेती है, तो इस मामले में भी जमानत मिलने के बाद ही आजम खान जेल से बाहर आ सकेंगे। 13 अक्टूबर को ईडी ने आजम खान, उनके जौहर ट्रस्ट समेत पांच लोगों के खिलाफ विश्वविद्यालय निर्माण में सरकारी धन के गबन और धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इस मामले की विवेचना सीओ टांडा पंकज पंत कर रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को अदालत में प्रकरण का हवाला देते हुए आजम खान के खिलाफ रिमांड वारंट जारी करने का अनुरोध किया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए सोमवार की तारीख तय करते हुए आजम खान को तलब किया है।
सोमवार को यदि अदालत पुलिस की रिमांड अर्जी स्वीकार कर लेती है, तो आजम खान को जेल से बाहर आने के लिए इस मामले में भी जमानत लेनी होगी। कानून के जानकारों के अनुसार, भ्रष्टाचार की जिन धाराओं में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, उनमें आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर जमानत मिलना आसान नहीं होगा।
इन परिस्थितियों में आजम खान को दोबारा हाई कोर्ट का रुख करना पड़ सकता है। इससे उनकी जल्द रिहाई की उम्मीद प्रभावित हो सकती है। वहीं, अगर अदालत पुलिस की अर्जी खारिज कर देती है, तो आजम खान जेल से बाहर आ सकेंगे।
एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि अदालत सोमवार को रिमांड अर्जी पर सुनवाई करने के बाद अपना आदेश जारी करेगी।
सितंबर 2025 में जेल से बाहर आए थे आजम खान
आजम खान 23 सितंबर 2025 को सीतापुर जेल से बाहर आए थे। उस समय आजम खान और अब्दुल्ला ने अपने सभी मामलों में जमानत करा ली थी। हालांकि, 17 नवंबर 2025 को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल ने दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्हें दोबारा जेल जाना पड़ा।
अभियोजन पक्ष की अपील पर एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट सेशन ट्रायल ने आजम खान की सजा बढ़ाकर दस साल कर दी थी। जेल जाने के बाद दोनों ने सभी मुकदमों में अपनी जमानतें तुड़वा ली थीं।
अब दो पैन कार्ड के मामले में हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद उनके अधिवक्ता दोबारा सभी मामलों में जमानती दाखिल कर उन्हें जेल से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
आजम खान के अधिवक्ता काशिफ खां के अनुसार, आजम खान के 107 मुकदमों और अब्दुल्ला के 58 मामलों में जमानती दाखिल किए गए हैं। उनका कहना है कि ईडी की ओर से दर्ज कराए गए मामले से आजम खान की रिहाई में कोई परेशानी नहीं होगी।
अब्दुल्ला की रिहाई में नहीं आएगी रुकावट
आजम खान और अब्दुल्ला को 17 नवंबर 2025 को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल ने सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद 28 नवंबर 2025 को आजम खान के चार और अब्दुल्ला के एक मुकदमे में फैसला आया था।
आजम खान को तीन मामलों में बरी कर दिया गया था, जबकि डीएम को तनखईया कहने के एक मामले में उन्हें दो साल की सजा सुनाई गई थी। वह इस अवधि से अधिक समय जेल में बिता चुके हैं। ऐसे में सजा का यह फैसला उनकी रिहाई में बाधा नहीं बनेगा।
वहीं, अब्दुल्ला को पांच दिसंबर 2025 को दो पासपोर्ट के मामले में सात साल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट सेशन ट्रायल ने उनकी सजा पर रोक लगा दी थी। ऐसे में अब्दुल्ला की रिहाई में कोई रुकावट नहीं होगी।
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