जौनपुर में रास्ते के विवाद में युवक ने खुद को लगाई आग, डीएम ने दिए जांच के आदेश

HIGHLIGHTS
- शुरुआती आकलन में युवक के 40 प्रतिशत झुलसने की बात सामने आई।
- विवाद को लेकर पहले भी पंचायत हो चुकी थी।
- पीड़ित ने पत्नी और बेटे के साथ अभद्रता किए जाने का आरोप लगाया।
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सिरकोनी क्षेत्र के परियावा (लौकरी) गांव की मौर्या बस्ती में शनिवार सुबह रास्ते को लेकर विवाद हो गया। करीब 300 मीटर रास्ते के विवाद में दिनेश मौर्या (35) ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। आग की लपटों में घिरने के बाद वह जमीन पर लेट गया।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने बोरे और पानी की मदद से आग बुझाई और उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने जांच के आदेश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि दिनेश मौर्या के खुद को आग लगाने के प्रयास की घटना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। शनिवार सुबह करीब नौ बजे उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। शुरुआती आकलन के अनुसार, वह करीब 40 प्रतिशत झुलसे हैं, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर है।
उन्होंने बताया कि राजस्व अधिकारी पीड़ित परिवार के संपर्क में हैं। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल को घटनास्थल पर भेजा गया है। जिला प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है।
घटना की सूचना मिलने के बाद एसडीएम सदर और सीओ सिटी भी गांव पहुंचे और विवाद के संबंध में जानकारी जुटाई। सीओ सिटी आईपीएस सम्यक चौधरी ने बताया कि युवक ने किन परिस्थितियों में खुद को आग लगाई, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल युवक का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पीड़ित का आरोप: जबरन सड़क निर्माण, पत्नी और बच्चों से अभद्रता
दिनेश कुमार मौर्या का कहना है कि वह अपनी सगी बहन के इलाज के लिए बीएचयू गए हुए थे। इसी दौरान शनिवार सुबह उनकी निजी जमीन पर पड़ोसी जबरन सड़क बनवाने का प्रयास कर रहे थे। इस विवाद को लेकर करीब एक सप्ताह पहले ग्राम प्रधान, ग्रामीणों और पुलिस की मौजूदगी में पंचायत भी हुई थी।
दिनेश के मुताबिक, शुक्रवार को उनके बीएचयू में रहने के दौरान ग्राम प्रधान ने बिना किसी अंतिम निर्णय के सड़क निर्माण का काम शुरू करा दिया। उनकी पत्नी और बेटे लकी ने इसका विरोध किया, जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी पत्नी और बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार किया। साथ ही, वीडियो बना रहे उनके बेटे के हाथ से मोबाइल भी छीन लिया गया।
दिनेश के अनुसार, शनिवार तड़के बीएचयू से लौटने के बाद उन्हें सड़क निर्माण शुरू होने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। इस घटना में उनके हाथ, पैर और गर्दन के आसपास जलने की बात सामने आई है।
राजस्व अभिलेखों में सरकारी रास्ते का उल्लेख नहीं
जिलाधिकारी ने बताया कि राजस्व अभिलेखों और नक्शे के अनुसार संबंधित भूमि पर कोई सरकारी रास्ता दर्ज नहीं है। जमीन काश्तकार या भूमिधर की है। उनके मुताबिक, आपसी सहमति के आधार पर ग्राम प्रधान ने निर्माण कार्य शुरू कराया था। बाद में निर्माण शुरू होने पर संभवतः अपनी भूमिधरी प्रभावित होने के कारण दिनेश ने काम रुकवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्राम प्रधान ने उनकी बात नहीं मानी।
वहीं, ग्राम प्रधान के अनुसार, 14 तारीख को गांव के संभ्रांत लोगों की बैठक हुई थी, जिसमें वह भी शामिल हुए थे। उनका कहना है कि दिनेश मौर्या की शर्तों के अनुसार ही काम शुरू कराया गया था। 16 तारीख को रास्ता बनाने का काम शुरू हुआ, लेकिन शाम को दिनेश ने ही पुलिस को बुला लिया, जिसके बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.