मुजफ्फरनगर में सील क्लीनिक से सामान हटाने का आरोप, देर रात पुलिस चौकी पर हंगामा

HIGHLIGHTS
- रामलीला टिल्ला स्थित अल्फा क्लीनिक को एक दिन पहले सील किया गया था।
- सील किए गए क्लीनिक से सामान हटाने का आरोप लगाया गया।
- डॉक्टर आदिल पक्ष के लोगों पर पीछे के दरवाजे से सामान निकालने का आरोप है।
मुजफ्फरनगर शहर कोतवाली क्षेत्र के रामलीला टिल्ला में देर रात सील किए गए अल्फा क्लीनिक से सामान हटाने के आरोप को लेकर हंगामा हो गया। भाजपा नेता सुनील दर्शन, सुधीर खटीक, गौरव मुंडे समेत बड़ी संख्या में लोग रामलीला टिल्ला पुलिस चौकी पहुंच गए। लोगों ने आरोप लगाया कि एक दिन पहले पुलिस द्वारा सील किए गए क्लीनिक के पीछे के दरवाजे से डॉक्टर आदिल पक्ष के लोगों ने सामान हटा लिया।
पुलिस चौकी पहुंचे लोगों का आरोप था कि सीलिंग की कार्रवाई के बावजूद मिमलाना रोड स्थित क्लीनिक से सामान हटाया गया। आरोप है कि डॉक्टर पक्ष के लोगों ने पीछे के दरवाजे से सामान बाहर निकाला। क्लीनिक पर लगा फ्लेक्स बोर्ड भी हटाए जाने की बात कही गई। लोगों ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बताया गया कि डॉ. मोहम्मद आदिल पर गैंगरेप के मामले में आरोपी होने की बात सामने आई है। हालांकि, सील क्लीनिक से सामान हटाए जाने के आरोप की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
रात 12 बजे तक चौकी पर चली बातचीत
क्लीनिक से सामान हटाए जाने के आरोप को लेकर देर रात करीब 12 बजे तक पुलिस और मौके पर मौजूद लोगों के बीच बातचीत होती रही। लोगों ने मांग की कि यदि सील किए गए परिसर से सामान हटाया गया है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा
भाजपा नेताओं और अन्य लोगों के बड़ी संख्या में पुलिस चौकी पहुंचने की सूचना पर पुलिस अधिकारियों में भी हलचल मच गई। एसपी सिटी अमृत जैन, एएसपी सिद्धार्थ के. मिश्रा समेत एक दर्जन से अधिक पुलिस की मोबाइल गाड़ियां और दर्जनों चीता मोबाइल मौके पर पहुंच गईं।
पुलिस ने जांच का भरोसा दिया
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत कर स्थिति को संभाला। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच कराने का भरोसा दिया और लोगों को शांत कराया। देर रात तक रामलीला टिल्ला पुलिस चौकी पर लोगों की भीड़ मौजूद रही।
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सील किए गए क्लीनिक से वास्तव में सामान हटाया गया था या नहीं। यदि सामान हटाए जाने की पुष्टि होती है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है, यह भी जांच के बाद सामने आएगा।
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