गाजियाबाद में ऑनलाइन अश्लीलता रैकेट का भंडाफोड़, युवक सहित छह गिरफ्तार

गाजियाबाद: क्रॉसिंग रिपब्लिक की सेवियर स्ट्रीट सोसायटी में एक युवक पर आरोप है कि वह युवतियों को किराए पर रखकर उनकी अश्लील वीडियो वेबसाइट पर लाइव करवाता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले चार महीनों से इस काम को अंजाम दे रहा था और रोजाना युवतियों से छह से आठ घंटे तक वीडियो रिकॉर्ड कराता था। इसके लिए उन्हें प्रति मिनट तीन रुपये का भुगतान किया जाता था।
मासिक वेतन 25–30 हजार रुपये:
पुलिस के अनुसार आरोपी युवतियों को 25 से 30 हजार रुपये प्रति माह वेतन देता था। उनके बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि यह पता चल सके कि चार महीनों में कितनी रकम वेबसाइट के माध्यम से ट्रांसफर हुई।
लैपटॉप और सेक्स टॉयज बरामद:
क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना पुलिस ने गुरुवार रात सेवियर स्ट्रीट सोसायटी के दो फ्लैटों में छापा मारा। इस दौरान पांच युवतियों और एक युवक को गिरफ्तार किया गया। पकड़ा गया आरोपी मध्य प्रदेश के सिंगरौली का रहने वाला हरिओम पांडेय है। मौके से चार डेस्कटॉप, दो लैपटॉप और कई सेक्स टॉयज भी बरामद हुए। पुलिस ने बताया कि आरोपी स्ट्रीपचैट वेबसाइट पर लाइव अश्लील वीडियो बनवाता था।
एनसीआर की कई युवतियों को फंसाया:
जांच में पता चला कि आरोपी ने एनसीआर की कई युवतियों को इसी काम के लिए किराए पर रखा था। युवतियों की आईडी भी उसने खुद बनाई थीं, जिनके बैंक खातों में वेबसाइट से भुगतान आता था।
बैंक से जानकारी मांगी गई:
पुलिस ने बैंक को पत्र लिखकर खातों की डिटेल मांगी है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह बीकॉम पास है और अपने परिवार से अलग रहता है। उसने माना कि वह चार महीने से इस काम में लगा हुआ था और शुरुआत में उसने खुद अपने वीडियो वेबसाइट पर अपलोड किए।
फ्लैट में पांच युवतियां थीं मौजूद:
पुलिस के अनुसार जब छापा मारा गया, आरोपी सोफे पर बैठा था और पांच युवतियां अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर रही थीं। एक अन्य युवती दूसरे फ्लैट में वीडियो बना रही थी। पुलिस ने पिछले साल जून में भी बजरिया के एक होटल में इसी तरह ऑनलाइन अश्लील वीडियो बनाने वालों को गिरफ्तार किया था।
वेबसाइट पर टोकन के जरिए भुगतान:
पुलिस ने बताया कि यह वेबसाइट विदेश से संचालित होती है। वीडियो देखने के लिए यूजर को टोकन खरीदना होता है, जिसकी कीमत 100 रुपये प्रति मिनट है। वीडियो बनाने वालों को वेबसाइट हर टोकन के लिए तीन रुपये देती है। अधिकांश युवतियां अपनी पहचान छिपाकर फर्जी नाम की आईडी से वीडियो बनाती हैं।
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