दिल्ली में धूमधाम से मनाया गया दशहरा, राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी भी हुए शामिल

HIGHLIGHTS
- दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद हुआ पुतला दहन।
- द्वारका सेक्टर-10 में 221 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया।
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दशहरे को धर्म और न्याय की विजय का पर्व बताया।
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मंगलवार को विजयादशमी का पर्व उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद शहर के विभिन्न रामलीला मैदानों में रावण के पुतलों का दहन किया गया। दशहरा समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई प्रमुख राजनीतिक चेहरे शामिल हुए। द्वारका से पूर्वी दिल्ली और लालकिला मैदान तक उत्सव का माहौल नजर आया। विशाल रावण के पुतलों का दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारका सेक्टर-10 में द्वारका श्री रामलीला सोसायटी की ओर से आयोजित दशहरा समारोह में शामिल हुईं। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी उनके साथ मौजूद रहीं। रामलीला के समापन के बाद यहां 221 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। विशाल पुतले के साथ विजयादशमी का यह आयोजन द्वारका के प्रमुख आकर्षणों में रहा।
दशहरा समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, 'सभी को दशहरा के महापर्व पर बहुत-बहुत बधाई। ये त्योहार अधर्म और अन्याय पर धर्म और न्याय की विजय का उत्सव है। दशहरा के अवसर पर देश-विदेश के अनेक स्थानों पर आयोजित रामलीलाओं के माध्यम से करोड़ों लोग राम कथा के महान आदर्शों को याद करते हैं।'
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दी विजयादशमी की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज स्थित आईपी एक्सटेंशन रामलीला समिति के दशहरा समारोह में पहुंचे। यहां राम-रावण युद्ध का मंचन किया गया, जिसके बाद रावण के पुतले का दहन हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मैं सभी देशवासियों को विजयादशमी की बधाई देता हूं। आज भारत का कोना-कोना राममय है गांव-गांव शहर-शहर रामलीला के रास में देश डूबा हुआ है। देशभर में रामलीलाओं का मंचन प्रभु श्री राम के आदर्शों को जीवंत रखने की परंपरा, अत्याचार और आतंक का अंत का उदघोष और असत्य पर सत्य सनातन की विजय का विश्वास हमारे लिए ये केवल त्योहार नहीं है। ये भारत की प्राण ऊर्जा है।'
उन्होंने कहा, 'इस देश ने इसकी संस्कृति ने और इसके पूर्वजों ने हजारों वर्षों से प्रभु श्रीराम की उपासना की है। ये आस्था केवल इसलिए नहीं है कि श्रीराम ने राक्षस राज रावण का अंत किया था। ये आस्था इसलिए भी है क्योंकि प्रभु राम ने हमें ऐसे आदर्श दिए जो मानवता के इतिहास में अतुलनीय है।'
सीएम रेखा गुप्ता ने राम के आदर्श अपनाने की अपील की
द्वारका सेक्टर-10 में आयोजित दशहरा समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'हम सब प्रभु राम के महान आदर्शों पर चलते हुए स्वयं राम के आदर्श को अपनाएं। हमारे आस-पास जितनी भी बुराईयां दिखाई देती हैं उसे हमें खत्म करना होगा। देश की तरक्की के साथ जुड़ना होगा। देश द्रोही को सबक सिखाना होगा। नफरत को खत्म करके प्रेम का दीप जलाकर भारत के भविष्य को रोशन करना होगा।'
वहीं, पीतमपुरा स्थित श्री केशव रामलीला कमेटी की ओर से इस बार लंकापति रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों के साथ कॉकरोच के पुतले का भी दहन किया गया।
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