जेल से बाहर आते ही आजम खां का दर्द छलका, बोले- 'क्या यह एक मुसलमान होने की सजा है?'

HIGHLIGHTS
- आजम खां की रिहाई की खबर पर दोपहर से ही समर्थक जेल के बाहर जमा होने लगे थे।
- ईडी की कार्रवाई के बाद समर्थकों ने नारेबाजी की और उसकी गाड़ी के आगे खड़े हो गए।
- जेल से निकलते समय आजम खां ने कानून के वजूद और अपने साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाए।
अब्दुल्ला आजम के दो पैनकार्ड मामले में जमानत मिलने के बाद शनिवार शाम जेल से बाहर आए सपा नेता आजम खां को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने हिरासत में ले लिया। रिहाई की जानकारी मिलते ही ईडी की टीम जेल के गेट पर पहुंच गई थी। आजम खां के बाहर आते ही टीम उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गई। वहीं, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को जेल से रिहाई मिल गई।
रामपुर के एएसपी अनिल सिंह सिसोदिया ने बताया कि ईडी की टीम आजम खां को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए गाजियाबाद स्थित मुख्यालय ले गई है।
जेल से बाहर आते ही आजम खां ने जताया दर्द
जेल से बाहर आने के बाद आजम खां ने कहा, “अब कहने को बचा ही क्या है? मैं क्या कहूं? कानून का वजूद खत्म हो चुका है। क्या यह एक मुसलमान होने की सजा है? हमारी गलती यह थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई। यही हमारा गुनाह है। हमने बच्चों के लिए स्कूल बनाए। क्या यह हमारा गुनाह है?”
आजम खां को हिरासत में लेते ही समर्थकों का हंगामा
आजम खां की 11 महीने 14 दिन बाद रिहाई के संकेत मिलने पर दोपहर से ही बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता जेल के बाहर जुटने लगे थे। ईडी की टीम ने जैसे ही आजम खां को घेरा, समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया और ईडी के खिलाफ नारेबाजी की।
13 अक्टूबर को ईडी ने दर्ज कराया था नया मामला
दो पैनकार्ड मामले में जिला स्तरीय अदालत ने आजम खां और अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद दोनों को 17 नवंबर 2025 को जेल भेजा गया था।
ईडी ने 13 अक्टूबर को जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन के इस्तेमाल सहित कुछ अन्य आरोपों को लेकर अजीमनगर थाने में आजम खां के खिलाफ नया मामला दर्ज कराया था।
29 अक्टूबर को मिली थी जमानत
दो पैनकार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला आजम को 29 अक्टूबर को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। शुक्रवार को अदालत से रिहाई का परवाना जारी होने के बाद उनके जेल से बाहर आने की उम्मीद बढ़ गई थी। आजम से जुड़े कुछ अन्य मामलों में परवाने जारी नहीं होने के कारण रिहाई में देरी की आशंका भी जताई जा रही थी।
इस बीच, आजम खां के अधिवक्ता ने शनिवार को उनसे जुड़े अन्य मामलों में भी परवाने जारी करा लिए। इसकी जानकारी मिलने के बाद दोपहर से ही समर्थकों और सपा कार्यकर्ताओं की भीड़ जेल के बाहर जमा होने लगी।
ईडी अधिकारियों से हुई आजम खां की बहस
आजम और अब्दुल्ला की रिहाई की उम्मीद में खुश समर्थकों के चेहरे शाम 6:15 बजे जेल गेट पर ईडी की टीम को देखकर उतर गए। टीम के साथ बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बल के जवान भी मौजूद थे।
शाम सात बजे आजम खां जेल से बाहर आए तो ईडी की टीम ने उन्हें घेर लिया और एक आदेश दिखाया। इस दौरान आजम खां की टीम से कुछ सेकंड तक बहस हुई, लेकिन इसके बाद भी उन्हें हिरासत में ले लिया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच ईडी की टीम उन्हें अपने साथ ले गई। इससे समर्थकों में मायूसी छा गई।
कुछ देर तक असमंजस में रहे समर्थकों ने बाद में जेल से बाहर आए अब्दुल्ला आजम का स्वागत किया। इस दौरान ईडी के खिलाफ नारेबाजी भी हुई।
आजम खां की रिहाई और हिरासत की टाइमलाइन
शाम 4:30 बजे: रामपुर जेल में सभी परवाने पहुंचे।
शाम 5:00 बजे: जेल गेट पर समर्थकों की भारी भीड़ जुटी।
शाम 5:30 बजे: आजम खां के वकीलों का पैनल जेल पहुंचा।
शाम 6:15 बजे: ईडी की टीम जेल पहुंची।
शाम 7:00 बजे: आजम खां जेल से बाहर आए।
शाम 7:01 बजे: ईडी ने जेल गेट पर ही आजम खां को हिरासत में लिया।
शाम 7:02 बजे: समर्थक ईडी की गाड़ी के आगे खड़े हो गए और एजेंसी के खिलाफ नारे लगाए।
शाम 7:05 बजे: हिरासत में लेने को लेकर आजम खां और ईडी टीम के बीच नोकझोंक हुई।
शाम 7:25 बजे: आजम खां ईडी की गाड़ी के पायदान पर खड़े होकर समर्थकों का अभिवादन स्वीकार करते रहे।
शाम 7:30 बजे: ईडी की टीम आजम खां को लेकर जेल गेट से रवाना हो गई।
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