हरियाणा विधानसभा में रोजगार पर घमासान, सैनी-हुड्डा आमने-सामने

लखनऊ। हरियाणा विधानसभा में बुधवार को रोजगार और भर्ती नीतियों को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्षी नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस के 28 विधायकों द्वारा पेश किए गए कार्य स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में भारी हंगामा हुआ।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दो घंटे तक लगातार अपने आंकड़ों और शेरो-शायरी के अंदाज में विपक्ष को जवाब दिया। सैनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के समय में भर्तियों में भाई-भतीजावाद और क्षेत्रवाद चलता था। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में 26 एफआईआर दर्ज की गई हैं ताकि किसी भी प्रकार के गड़बड़ काम पर अंकुश लगाया जा सके।
विपक्ष ने भी जमकर हमला किया। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि एचपीएससी की नियुक्तियों में अनियमितताएं हो रही हैं। पूर्व मंत्री मूलचंद शर्मा और अन्य विधायकों ने पहले की भर्तियों में प्रदेश के युवाओं को फायदा नहीं मिलने का आरोप लगाया।
सैनी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब रोजगार की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो गई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अब भर्तियों में स्थानीय और राजनीतिक प्रभाव नहीं है। सीएम के बयान के दौरान विपक्षी विधायकों ने विरोध जताया और कुछ सदस्य सदन छोड़कर जाने लगे। नायब सैनी ने उन्हें हाथ जोड़कर रोकने का प्रयास किया और कहा कि कम से कम हमारी बात सुनकर जाएं।
कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी इस बहस में शामिल होकर कहा कि पहले की सरकारों में उम्मीदवारों का चयन केवल राजनीतिक दबाव और विशेष लोगों के लिए होता था। उन्होंने वर्तमान स्थिति की तुलना में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर भी चर्चा की।
अंततः, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने जवाब को समाप्त किया और विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कार्यवाही को अगले दिन सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया।
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