मजीठिया की मुश्किलें बढ़ीं, 10 कंपनियां विजिलेंस के रडार पर; 40 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल

HIGHLIGHTS
- विजिलेंस की चार्जशीट में हरप्रीत सिंह गुलाटी और गजपत सिंह ग्रेवाल को भी आरोपी बनाया गया।
- जांच में दो कंपनियों के खातों में 686.15 करोड़ रुपये के लेनदेन का दावा।
- एक कंपनी के बैंक खाते में विदेश से भी रकम जमा होने की बात सामने आई।
चंडीगढ़। अकाली सरकार में मंत्री रह चुके बिक्रमजीत सिंह मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 10 कंपनियों को जांच के दायरे में लिया है।
अदालत में दाखिल 40 हजार पन्नों की चार्जशीट में दावा किया गया है कि पूर्व मंत्री ने कथित तौर पर इन शेल (फर्जी) कंपनियों के माध्यम से पैसों को ठिकाने लगाया। बताया गया है कि ये कंपनियां मजीठिया के रिश्तेदारों से जुड़ी हुई हैं। जांच में दो कंपनियों के बैंक खातों में 686.15 करोड़ रुपये के लेनदेन का भी पता चला है। वहीं, एक कंपनी के खाते में विदेश से भी रकम जमा कराई गई थी।
विजिलेंस की चार्जशीट के मुताबिक, बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 40.78 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति जुटाई थी। यह उनकी ज्ञात आय का 1,200.13 प्रतिशत थी। जांच का दायरा बढ़ने के बाद अब चार्जशीट में आय से अधिक संपत्ति का संशोधित आंकड़ा पेश किया गया है। इसमें यह राशि आय के ज्ञात स्रोतों से 1,495.37 प्रतिशत अधिक होने का दावा किया गया है।
जांच में मजीठिया की कथित अवैध संपत्ति बढ़ाने में हरप्रीत सिंह गुलाटी की भूमिका भी सामने आई है। उनके अलावा मजीठिया के साले गजपत सिंह ग्रेवाल को भी आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट में कुछ कंपनियों, फर्मों और कारोबारी संस्थाओं की कथित संलिप्तता का भी उल्लेख किया गया है।
इन 10 कंपनियों को किया गया नामजद
जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर विजिलेंस ने सराया इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, पेरेग्रीन सराया ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, एसडी बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड, ए टू जेड ट्रांसपोर्ट/पटियाला एक्सप्रेस, एडी एंटरप्राइजेज, हरप्रीत गुलाटी एचयूएफ (यूनाइटेड वाइन्स), आकाश एंटरप्राइजेज, यूडब्ल्यू एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, एडी एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड और आकाश स्पिरिट प्राइवेट लिमिटेड को नामजद किया है।
आकाश एंटरप्राइजेज के एकल स्वामी हरप्रीत सिंह गुलाटी बताए गए हैं। इसके अलावा सराया एविएशन लिमिटेड में बेनामी निवेश का भी पता चला है।
कंपनियों के खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन का दावा
विजिलेंस के मुताबिक, सराया इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बैंक खातों में वर्ष 2007 से 2009 के बीच 170.39 करोड़ रुपये की अतिरिक्त रकम जमा हुई। इसी कंपनी को विदेशी संस्थाओं से 176.56 करोड़ रुपये का कथित अनुचित लाभ भी मिला।
इसके बाद वर्ष 2012 से 2014 के बीच इसी कंपनी में 127.90 करोड़ रुपये जमा किए गए। कंपनी की अचल संपत्तियों में भी 194.62 करोड़ रुपये की अस्पष्ट बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, सिंडिकैटम समूह से नवांशहर पावर प्राइवेट लिमिटेड को 16.68 करोड़ रुपये का असामान्य लाभ मिलने की बात चार्जशीट में कही गई है।
अदालत और बाहर दिए जा रहे बयानों में अंतर क्यों: मजीठिया
इस मामले पर बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने कहा कि सरकार के वकील की ओर से अदालत में रखी जा रही दलीलों और बाहर आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा किए जा रहे प्रचार में अंतर है।
उन्होंने आय से अधिक संपत्ति के मामले को नशा तस्करी से जोड़कर पेश करने को गलत बताया। मजीठिया के अनुसार, किसी रकम या कंपनी का नाम सामने आ जाने मात्र से अपराध साबित नहीं हो जाता।
मजीठिया का बचना अब मुश्किल होगा: मान
वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मजीठिया पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उनका बच निकलना मुश्किल होगा। पंजाब को नशे से जोड़कर बदनाम करने वालों को अपने कर्मों का हिसाब देना पड़ेगा।
मान ने अकाली नेतृत्व पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पंजाब की भाषा और जमीनी हकीकत से कटे हुए नेता जनता का प्रभावी प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते।
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