राहुल गांधी नागरिकता केस, अब जस्टिस मनीष माथुर करेंगे सुनवाई

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में न्यायमूर्ति मनीष माथुर की एकल पीठ सुनवाई करेगी। मंगलवार को यह मामला उनके समक्ष सूचीबद्ध किया गया, जहां आगे की प्रक्रिया पर विचार हुआ।
याचिकाकर्ता ने मांगा समय
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने अदालत से कुछ जरूरी दस्तावेज दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की। कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 7 मई की तारीख तय कर दी है।
पहले भी खारिज हो चुकी है याचिका
कर्नाटक के रहने वाले भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने राहुल गांधी पर भारतीय नागरिकता के साथ-साथ कथित तौर पर ब्रिटिश नागरिकता रखने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। इससे पहले उनकी याचिका लखनऊ की एमपी-एमएलए अदालत से खारिज हो चुकी है।
इसके बाद उन्होंने यह मामला हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दायर किया था।
पिछली सुनवाई और विवाद
17 अप्रैल को इस मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने राज्य सरकार को राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जांच कराने का मौखिक निर्देश दिया था। हालांकि, अगले ही दिन आदेश में संशोधन करते हुए अदालत ने कहा था कि बिना नोटिस जारी किए इस तरह का फैसला उचित नहीं है।
इसके बाद मामला और विवादों में आ गया।
जज के केस से अलग होने का फैसला
बताया गया कि याचिकाकर्ता द्वारा सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर कुछ पोस्ट साझा किए गए, जिसके बाद 20 अप्रैल को न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने स्वयं को इस केस की सुनवाई से अलग कर लिया।
याचिकाकर्ता के अनुसार, इसी मामले से जुड़ी एक अन्य याचिका भी हाईकोर्ट में लंबित है, जिस पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।
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