पीएम मोदी का राहुल गांधी पर तंज, बोले- अब आलू से सोना नहीं, बन रहे फ्रेंच फ्राइज

HIGHLIGHTS
- पीएम मोदी ने गुजरात दौरे के दौरान राहुल गांधी पर तंज कसा।
- आलू से सोना बनाने वाले पुराने बयान का जिक्र करते हुए फ्रेंच फ्राइज पर टिप्पणी की।
- प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी ने सियासी चर्चा को फिर तेज कर दिया।
बनासकांठा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा जिले के भिलड़ी में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) का उद्घाटन किया। करीब 325 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह आधुनिक संस्थान 127 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसका उद्देश्य देशी पशु नस्लों की गुणवत्ता में सुधार करना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और पशुपालकों को आधुनिक प्रजनन तकनीकों का लाभ पहुंचाना है।
प्रधानमंत्री ने इस केंद्र की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि विज्ञान और नवाचार के माध्यम से किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस संस्थान से डेयरी किसानों और पशुपालकों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे। खास तौर पर कांकरेज जैसी भारतीय नस्लों के संरक्षण और विकास में इसकी भूमिका अहम होगी।
इस परियोजना को बनास डेयरी ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के तकनीकी सहयोग और राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत केंद्र सरकार के समर्थन से विकसित किया है। यहां इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) और एम्ब्रियो ट्रांसफर जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। कांकरेज, गिर, साहीवाल और थारपारकर जैसी गायों के अलावा मेहसाणा, बन्नी, जाफराबादी और मुर्रा जैसी भैंसों की नस्लों को बेहतर बनाने पर काम होगा।
संस्थान में प्रतिवर्ष लगभग 25 हजार उच्च गुणवत्ता वाले भ्रूण तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके जरिए पशुपालकों को बेहतर सीमन, भ्रूण और प्रजनन संबंधी सुविधाएं किफायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे कम संख्या में पशुओं के जरिए अधिक दूध उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही चारे की कमी और पशुओं के रखरखाव पर बढ़ते खर्च जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।
दो दिवसीय गुजरात दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 और 31 अक्टूबर को गुजरात के दौरे पर हैं। इस दौरान राज्य में लगभग 14 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त भी जारी करेंगे। इस दौरे में कृषि, पशुपालन, परिवहन, सड़क, मेट्रो और पर्यटन से संबंधित कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।
बनासकांठा पहुंचने पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने बनास डेयरी परिसर में रोड शो किया। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने भी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
उन्होंने भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर के कैटल फार्म का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उनके साथ रहे। प्रधानमंत्री ने महिला डेयरी पशुपालकों से मुलाकात कर उनके कामकाज, अनुभवों और डेयरी व्यवसाय से जुड़ी चुनौतियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
पीएम-किसान की 24वीं किस्त जारी
गुजरात दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी की। इस अवसर पर देशभर में विभिन्न स्थानों पर पीएम किसान उत्सव दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
बिहार में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव तथा विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार सहित कई प्रमुख लोग शामिल हुए।
वहीं, उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हाथीबड़कला स्थित सर्वे ऑडिटोरियम में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिस्सा लिया। उन्होंने किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को महत्वपूर्ण बताया।
अहमदाबाद मेट्रो और हाईवे परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
गुजरात में शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2ए और फेज-2बी की आधारशिला रखेंगे।
फेज-2ए में कोटेश्वर रोड से अहमदाबाद एयरपोर्ट तक छह किलोमीटर से अधिक लंबा मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसमें पांच स्टेशन प्रस्तावित हैं। वहीं, फेज-2बी के तहत गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक लगभग 3.3 किलोमीटर का मार्ग विकसित होगा, जिसमें तीन स्टेशन बनाए जाएंगे।
इसके अलावा अहमदाबाद-मेहसाणा स्टेट हाईवे-41 को चौड़ा करने की योजना भी शुरू की जाएगी। लगभग 2,600 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत सड़क को चार लेन से बढ़ाकर आठ लेन किया जाएगा। इससे उत्तर गुजरात और अहमदाबाद के बीच आवागमन सुगम होने के साथ यातायात का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।
4,030 नए आंगनवाड़ी केंद्रों की रखी जाएगी नींव
महिलाओं और बच्चों के विकास को प्राथमिकता देते हुए गुजरात में 4,030 नए बाल-अनुकूल आंगनवाड़ी केंद्र स्थापित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री इनकी आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही पहले से तैयार 361 आंगनवाड़ी केंद्रों का उद्घाटन भी किया जाएगा।
करीब 800 करोड़ रुपये की इस योजना से चार लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। इन केंद्रों में बच्चों के पोषण, शुरुआती शिक्षा और देखभाल के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कृषि क्षेत्र की 521 परियोजनाएं देश को समर्पित
किसानों को बेहतर भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री कृषि बुनियादी ढांचा कोष के अंतर्गत पूरी हुई 521 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन पर करीब 4,950 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इन परियोजनाओं में कोल्ड स्टोरेज, गोदाम, साइलो, कोल्ड चेन, पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा फसलों की सफाई, भंडारण और प्रसंस्करण से संबंधित इकाइयां भी विकसित की गई हैं।
इन व्यवस्थाओं से किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने और बेहतर कीमत मिलने के समय बाजार में बेचने का अवसर मिलेगा। इससे फसल की बर्बादी घटाने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल को देंगे श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर एकता नगर पहुंचेंगे। यहां वे सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इस वर्ष उनकी 151वीं जयंती मनाई जा रही है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह और एकता परेड में भी शामिल होंगे। इसके अलावा नर्मदा आरती में हिस्सा लेने के साथ एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
भारत पर्व में नजर आएगी देश की विविध संस्कृति
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री भारत पर्व 2026 का शुभारंभ भी करेंगे। 15 नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की संस्कृति, लोककलाओं, परंपराओं और खानपान को प्रदर्शित किया जाएगा।
महोत्सव में कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा हस्तशिल्प, स्थानीय व्यंजनों और प्रमुख पर्यटन स्थलों की विशेष झलक देखने को मिलेगी। इस आयोजन का उद्देश्य देश की सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर लाना और पर्यटन को प्रोत्साहित करना है।
प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान एकता नगर के रेन फॉरेस्ट और वामन वृक्ष वाटिका का भी भ्रमण करेंगे।
बनासकांठा की जनसभा में बोले पीएम मोदी, सभी जिलों के किसान जुड़े
बनासकांठा में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस कार्यक्रम से देश के सभी जिलों के किसान जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए बताया कि करीब 25 साल पहले गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी पहली बड़ी जनसभा भी बनासकांठा में हुई थी। इतने वर्षों बाद एक बार फिर इसी क्षेत्र में विशाल जनसभा को संबोधित करना उनके लिए खास अनुभव है।
कार्यक्रम में लोगों के चारपाइयों पर बैठने की व्यवस्था देखकर प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि यह दृश्य ग्रामीण भारत की पारंपरिक संस्कृति की याद दिलाता है। प्रधानमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा कि इस व्यवस्था को देखकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स भी इसे दर्ज करने के बारे में सोच सकता है।
किसानों को मजबूत बनाना विकसित भारत की प्राथमिकता: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के किसान भारत की प्रगति के महत्वपूर्ण आधार हैं। उनकी सरकार का प्रयास कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर करने का है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 के मुकाबले देश का कृषि बजट पांच गुना से अधिक बढ़ाया गया है। पीएम-किसान सम्मान निधि के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि योजना के तहत करोड़ों किसानों के खातों में सीधे धनराशि भेजी जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों को वैश्विक स्तर पर उर्वरकों की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचाने का प्रयास कर रही है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण खाद की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ने दिया गया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, उर्वरक सब्सिडी और किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर वित्तीय संसाधन खर्च किए हैं।
26 करोड़ से अधिक किसानों को मिले सॉयल हेल्थ कार्ड
प्रधानमंत्री ने कृषि और पशुपालन में तकनीक के इस्तेमाल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि खेती भारतीय संस्कृति और जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों को कृषि से जोड़ने पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि अब तक किसानों को 26 करोड़ से अधिक सॉयल हेल्थ कार्ड दिए जा चुके हैं। इन कार्डों के जरिए किसानों को अपने खेत की मिट्टी की गुणवत्ता और उसमें मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी मिलती है। इससे फसलों की जरूरत के मुताबिक खाद और उर्वरकों का इस्तेमाल करने में सहायता मिलती है।
प्रधानमंत्री ने डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महिलाओं का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले एक दशक में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़ने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
वैश्विक तनाव के बीच खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने का दावा
जनसभा में प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में अस्थिरता के कारण उर्वरकों की कीमतों में तेजी आई, लेकिन सरकार ने इसका सीधा असर भारतीय किसानों पर नहीं पड़ने दिया।
पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग देश की मुश्किल परिस्थितियों में अफवाहें फैलाकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान किसानों को खाद और अन्य जरूरी कृषि संसाधन उपलब्ध कराने तथा उनकी आर्थिक सुरक्षा बनाए रखने पर है।
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि कृषि, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र का आधुनिकीकरण विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गुजरात दौरे के जरिए सरकार ने इन क्षेत्रों के साथ-साथ आधारभूत ढांचे और पर्यटन को भी विकास की नई दिशा देने का प्रयास किया है।
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