यूपी: आजम खां को हिरासत में लेने की तैयारी, पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की अर्जी

HIGHLIGHTS
- जौहर ट्रस्ट के चंदे और संपत्तियों की जांच तेज
- आजम खां से पूछताछ के लिए पुलिस ने मांगी हिरासत
- आयकर विभाग ने 500 करोड़ रुपये की वसूली का मामला भेजा मुख्यालय
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दर्ज कराए गए मामले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को सपा नेता आजम खां को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति मांगी। इसके लिए पुलिस ने एमपी-एमएलए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए सोमवार की तारीख निर्धारित की है।
दरअसल, ईडी ने बीते 13 अक्तूबर को अजीमनगर थाने में आजम खां और जौहर ट्रस्ट के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की जांच टांडा के सीओ पंकज पंत कर रहे हैं। अब पुलिस आजम खां को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ करना चाहती है।
अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह के अनुसार, मामले के विवेचक की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है। इस पर सोमवार को सुनवाई होगी।
आजम खां के करीबियों पर भी ईडी की नजर, सीके एसोसिएट्स की जांच तेज
लखनऊ। जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जौहर विश्वविद्यालय की जमीन और भवनों को जब्त करने के बाद अब ईडी ट्रस्ट से जुड़े लोगों और उनके करीबियों की चल-अचल संपत्तियों की भी जांच कर रही है।
जांच के दायरे में ट्रस्ट को सबसे अधिक चंदा देने वाली कंपनी सीके एसोसिएट्स भी है। इसके प्रबंध निदेशक पवन कुमार जैन पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा ईडी ट्रस्ट के बैंक खातों में जमा नकदी के स्रोत का पता लगाने में जुटी है, ताकि मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक, जौहर विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को जब्त करने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई जारी रहेगी। जांच में सामने आया है कि जौहर ट्रस्ट को बड़ी मात्रा में चंदा मिला था, लेकिन अभी तक इस रकम का पूरा ब्योरा नहीं मिल पाया है। साथ ही खातों में जमा धनराशि के स्रोत की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
ईडी इस पहलू की भी जांच कर रही है कि ट्रस्ट को चंदा देने के लिए विभिन्न संस्थाओं, ठेकेदारों और सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों पर दबाव तो नहीं बनाया गया था। जांच के दौरान कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें संस्थाओं से चेक के माध्यम से चंदा लिया गया और बाद में कथित तौर पर वही रकम नकद वापस कर दी गई। आशंका है कि इस प्रक्रिया के जरिए काले धन को सफेद करने का प्रयास किया गया।
आयकर विभाग भी कर सकता है बड़ी कार्रवाई
ईडी के बाद अब आयकर विभाग की कार्रवाई भी जौहर ट्रस्ट के लिए परेशानी बढ़ा सकती है। विभाग पहले ही ट्रस्ट का पंजीकरण रद्द कर चुका है। इसके साथ ही करीब 500 करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी की वसूली के लिए मामला दिल्ली स्थित मुख्यालय भेजा गया है।
इस संबंध में जल्द आदेश जारी होने की संभावना है। आदेश आने के बाद आयकर विभाग की ओर से बकाया टैक्स जमा करने के लिए नोटिस दिया जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया के तहत टैक्स का भुगतान नहीं होने पर ट्रस्ट की चल और अचल संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
इस तरह जौहर विश्वविद्यालय की संपत्तियां जब्त होने के बाद भी आजम खां की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। ईडी अब उनके परिजनों, ट्रस्ट के पदाधिकारियों और अन्य करीबियों की संपत्तियों की पड़ताल कर रही है। वहीं, आयकर विभाग भी ट्रस्ट से करीब 500 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली की तैयारी में है।
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