झारखंड कैबिनेट के 53 प्रस्ताव मंजूर, डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र फिर 65 साल

HIGHLIGHTS
- 606 थानों में 9006 सीसीटीवी कैमरे लगाने को मंजूरी
- सरकारी स्कूलों की 8.50 लाख छात्राओं को मिलेगा सैनिटरी पैड
- तीन केंद्रीय काराओं में ओपन-सेमी ओपन कॉटेज बनेंगे
रांची। झारखंड में चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की उम्र अब फिर से 65 वर्ष कर दी गई है। पहले चिकित्सकों के लिए सेवानिवृत्ति की उम्र 67 वर्ष निर्धारित थी। कोविड काल में चिकित्सकों की जरूरत को देखते हुए इसे दो साल के लिए बढ़ाया गया था, जिसे अब वापस 65 वर्ष कर दिया गया है। इसके साथ ही राज्य में 100 और विद्यालयों को सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
आदर्श विद्यालय योजना के तहत पहले से संचालित 80 विद्यालयों के अलावा राज्य के 100 विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित करने की स्वीकृति के लिए 721.43 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
झारखंड में विकसित भारत जीरामजी योजना को भी मंजूरी दे दी गई है। राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 53 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली है। इनमें थानों में कैमरे लगाने की योजना भी शामिल है।
राज्य के 606 थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 90 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पारित हुआ है। इन सभी 606 थानों में 9006 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। वहीं, राज्य की तीन केंद्रीय काराओं में ओपन और सेमी ओपन कॉटेज का निर्माण किया जाएगा।
बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, दुमका केंद्रीय कारा और लोकनारायण जय प्रकाश केंद्रीय कारा, हजारीबाग में ओपन-सेमी ओपन कॉटेज बनाए जाएंगे। दूसरी ओर, धनबाद स्थित तोपचांची झील और आसपास के क्षेत्रों के पीपीपी मॉडल पर सौंदर्यीकरण के लिए 184.29 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी गई है।
स्कूली छात्राओं को सरकार देगी सैनिटरी पैड
झारखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छठी से 12वीं तक की छात्राओं को राज्य सरकार सैनिटरी पैड उपलब्ध कराएगी। राज्य के करीब 13 हजार स्कूलों की 8.50 लाख छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
प्रधान सचिव वंदना डाडेल ने बताया कि छठी से 12वीं तक की छात्राओं को हर महीने 10 बायो सैनिटरी पैड दिए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार ने 124 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। शिक्षा विभाग ने हर तीन महीने में सैनिटरी पैड संकुल स्तर तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।
स्कूल के शिक्षक संकुल से सैनिटरी पैड लेकर आएंगे और छात्राओं के बीच वितरित करेंगे। इसके लिए सरकार स्कूलों को ट्रांसपोर्टेशन चार्ज भी देगी। वर्तमान में राज्य के 203 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय और 57 झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों की छात्राओं को ही वर्ष 2023 से सैनिटरी पैड दिए जा रहे हैं।
संभावना है कि नवंबर से छात्राओं को सैनिटरी पैड मिलना शुरू हो सकेगा। इसके अलावा राज्य के नवसृजित पांच प्रखंडों में झारखंड बालिका आवासीय विद्यालयों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए 49.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
अब निजी स्कूलों की तर्ज पर स्कूलों में मिलेगी स्टूडेंट डायरी
सरकारी स्कूलों के बच्चों को अब स्टूडेंट डायरी दी जाएगी। यह योजना निजी स्कूलों की तर्ज पर शुरू की जा रही है। इसमें पूरे साल के अवकाश के साथ छात्रों और अभिभावकों से सीधे संवाद किया जा सकेगा। ज्ञानोदय योजना के तहत सरकारी और गैर सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में छठी से आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को स्टूडेंट डायरी दी जाएगी।
वहीं, पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए हिंदी-अंग्रेजी में पैरेंटल कैलेंडर दिया जाएगा। इसके जरिए अभिभावकों और बच्चों के बीच सूचना का आदान-प्रदान होगा। अभिभावक घर पर भी बच्चों को अपनी संस्कृति और परिवेश के बारे में जानकारी दे सकेंगे। साथ ही, बच्चों के लिखने-पढ़ने में भी आसानी होगी।
दो मेडिकल कॉलेजों में बढ़ाई जाएंगी सीटें
झारखंड के मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। सत्र 2026-27 से 2029-30 के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर और शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज, धनबाद में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
इसके साथ ही स्नातकोत्तर में नए विषय जोड़ने और पीजी की सीटें बढ़ाने की भी स्वीकृति दी गई है। एमजीएम में इस कार्य के लिए 393 करोड़ रुपये और निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज के लिए 495 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
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