हिमाचल के अस्पतालों में 70% से अधिक स्टाफ की उपलब्धता का लक्ष्य, CM सुक्खू ने बताई डेडलाइन

HIGHLIGHTS
- नौहराधार के नए स्वास्थ्य केंद्र में दो चिकित्सा अधिकारी और एक स्टाफ नर्स नियुक्त किए गए हैं।
- छह बिस्तरों वाले इस केंद्र का निर्माण 6.92 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है।
- सरकार ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने पर जोर दे रही है।
हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और चिकित्सा संस्थानों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने 31 मार्च 2027 तक का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार इस समयसीमा तक स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की उपलब्धता 70 प्रतिशत से अधिक करने के लिए प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को शिमला से वर्चुअल माध्यम से सिरमौर जिले के रेणुका विधानसभा क्षेत्र के नौहराधार में नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे।
6.92 करोड़ रुपये की लागत से बने इस छह बिस्तरों वाले स्वास्थ्य केंद्र से आसपास की 20 ग्राम पंचायतों और 47 गांवों के करीब 50 हजार लोगों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएचसी शुरू होने से दुर्गम क्षेत्र के लोगों को अपने घर के पास बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में दो चिकित्सा अधिकारियों और एक स्टाफ नर्स की नियुक्ति की गई है, जिससे मरीजों को नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में है। सरकार चाहती है कि बेहतर इलाज के लिए लोगों को प्रदेश से बाहर न जाना पड़े।
स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की संख्या बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए चिकित्सा महाविद्यालयों, क्षेत्रीय अस्पतालों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत किया जा रहा है।
पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय अस्पतालों में महज 35 प्रतिशत स्टाफ उपलब्ध था। मौजूदा सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2027 तक स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की उपलब्धता 70 प्रतिशत से ज्यादा करना है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के साथ ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को सुलभ और भरोसेमंद उपचार देने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
संगड़ाह स्कूल को CBSE से जोड़ने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के अवसर देने की बात कही। इस दौरान उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संगड़ाह को सीबीएसई स्कूल बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अपने घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में प्रतिदिन पांच हजार लीटर क्षमता का मिल्क चिलिंग प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और ग्रामीण लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
विधायक विनय कुमार ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
स्थानीय विधायक और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार ने सीएचसी भवन के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस स्वास्थ्य केंद्र से क्षेत्र की 20 पंचायतों और 47 गांवों के लगभग 50 हजार लोगों को लाभ पहुंचेगा। स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधाएं मिलने से मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान शिमला में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार और स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. गोपाल बेरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
वहीं, नौहराधार में उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चिंत नेगी और स्थानीय नेता कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
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